वाराणसी। परिवहन निगम की अनुबंधित बसें दिखने में खराब लगीं तो इसके लिए संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधक जिम्मेदार मानें जाएंगे। निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक संचालन एचएस गाबा ने सभी अनुबंधित बसों की भौतिक स्थिति की जांच का आदेश दिया है। साथ ही जांच रिपोर्ट तीन दिन के अंदर उपलब्ध कराने को भी कहा है। हाल ही में शासन ने अनुबंध पर संचालित हो रहीं पुरानी और जर्जर बसों को लेकर नाराजगी जताई थी।
निगम की 78 अनुबंधित बसें हैं, जो जौनपुर, आजमगढ़, प्रयागराज, विंध्याचल, दिल्ली, लखनऊ, सोनौली, गोरखपुर रूट पर संचालित की जाती हैं। इन बसों में अधिकांश पुरानी हैं। इन बसों की मरम्मत और धुलाई की जिम्मेदारी संबंधित वाहन स्वामी पर ही रहती है और वे इस कार्य में मनमानी करते हैं। प्राय: देखा जाता है कि इन बसों की भौतिक स्थिति ठीक नहीं रहती है। बसों की इस हालत के कारण निगम की छवि धूमिल होती है। जिसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने रोष जताया है। इसके बाद निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक संचालन हरकत में आ गए। उनकी ओर से जारी जांच कराने के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वाहन स्वामियों द्वारा सुधारात्मक कार्यवाही न किए जाने पर उनके बसों का अनुबंध समाप्त करने की संस्तुति की जाए।