वाराणसी। जिला पंचायत में करोड़ों रुपये के गोलमाल की जांच कर रहे जिलाधिकारी को भी बिना काम कराए भुगतान के प्रमाण मिल गए हैं। इस मामले में जिलाधिकारी की ओर से जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है। इसमें नियम विरुद्ध ठेकेदारों को किए गए भुगतान का जिक्र किया गया है। डीएम ने अपनी रिपोर्ट में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय कर कार्रवाई की भी संस्तुति की है। सोमवार को यह रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
बिना काम कराए ही चार करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान कर गोलमाल मामले में अब जिला पंचायत के अधिकारियों और इसमें शामिल अन्य लोगों पर शिकंजा कसने लगा है। जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट में इस पूरी गड़बड़ी का जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया कि कुछ कामों का पूरा भुगतान कर दिया गया, मगर वे शुरू तक नहीं हुए। जिला पंचायत में वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में बिना टेंडर के ही 280 पत्रावलियां तैयार करवा ली गई थी। जिला पंचायत की बैठक में सदस्यों के विरोध के बाद 186 पत्रावलियों को निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा इस पूरे मामले में लीपापोती के लिए 94 पत्रावलियों से जुड़े ठेकेदारों को नोटिस जारी कर काम पूरा करने को कहा गया। इस मामले में अधिकारियों की ओर से भी जांच के नाम पर कागजी कवायद की पूरी कोशिश की गई। अब डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने इस पूरे मामले की जांच की तो पूरा गोलमाल सामने आ गया है। सूत्रों की माने तो निरस्त की गई 186 पत्रावलियों की भी जांच कराई जाएगी। माना जा रहा है कि डीएम की रिपोर्ट के बाद जिला पंचायत के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच कर ली गई है। जांच रिपोर्ट सोमवार को शासन को भेजी जाएगी।