वाराणसी। कानपुर बैराज से छोड़ा गया 3000 क्यूसेक पानी शुक्रवार की देर रात तक वाराणसी पहुंचेगा। इससे अस्सी घाट से दूर हो चुकी गंगा घाट के नजदीक पहुंचेंगी। एक फीट पानी बढ़ने से बजड़े और नावों के संचालन में सुविधा होगी।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 मार्च को गंगा में नौका विहार करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। विशेष बजड़ा तैयार हो गया है। गंगा में पानी कम होने की वजह से बजड़े के संचालन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका थी।
सिंचाई विभाग की मानें तो 55 से 60 घंटे तक का समय बनारस आने में लगेगा। यहां बहुत अधिक ऊंचाई नहीं होगी। तकरीबन एक फीट तक पानी बढ़ेगा। चूंकि गरमी का मौसम है इस नाते यहां पानी की ऊंचाई एक फीट से कम हो सकती है।