वाराणसी। स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव गुरुवार दोपहर बाद करीब तीन बजे बीएचयू के कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी से मिलने के लिए जैसे ही सिंहद्वार पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। लंका एसओ ने आनन-फानन में सिंहद्वार पर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी जवानों को लगा दिया। इस पर यादव की पुलिस से नोंकझोंक भी हुई। करीब घंटे भर की जद्दोजहद के बावजूद यादव को कुलसचिव से मिले बगैर ही लौटना पड़ा।
यादव ने रोके जाने पर अधिकारियों से न जाने का प्रशासनिक कारण पूछा, जिस पर उन्हें बताया गया कि डीएम का आदेश है। अपने को यूजीसी का पूर्व मेंबर बताते हुए अंदर जाने की बात कही लेकिन जा नहीं पाए। कहा कि यूजीसी के नियमानुसार विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के अधिकार सहित अन्य नियमों का क्या-क्या पालन होना चाहिए , उसकी प्रति देने कुलसचिव को देने आया हूं। बताया कि इस बारे में कुलसचिव से बात हुई थी, उन्होंने आने की बात कही थी। यह पूछे जाने पर कि विजयदशमी के दिन यहां दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी एलडी गेस्ट हाउस आए थे, यादव ने कहा कि वह सरकारी दामाद हैं।
यादव ने कहा कि आज लगाई गई महिला पुलिस आखिर उस दिन कहां थी, जब छात्राओं पर लाठीचार्ज हुआ था। विश्वविद्यालय प्रशासन पर यूजीसी की नियमों का पालन न करने का आरोप भी लगाया। कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज तक घटना के बारे में विश्वविद्यालय ने कोई एक्शन रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत किया।