कपड़े पर जीएसटी हटने तक विरोध
वाराणसी। बनारसी साड़ी कारोबार से जुड़े डीलर्स, व्यापारी और बुनकरों का विरोध जारी है। शनिवार को भी बुनकर मुहल्लों में करघे शांत रहे। कपड़ा मार्केट में शटर गिरे रहे। थोक दुकानों पर ताले लटके रहे। जरी कारोबारियों ने भी बंदी जारी रखी। बुनकर बिरादराना तंजीम की ओर से भी जीएसटी पर विरोध जताया गया। छह दिन की बंदी में औसतन 500 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा है।
मारवाड़ी युवक संघ में बैठक में बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन कें वक्ताओं ने कहा कि जब तक कपड़े पर से जीएसटी नही हटती संघर्ष जारी रहेगा। गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी खुद जीएसटी का विरोध करते रहे। इसे घातक बताते रहे लेकिन केंद्र की सत्ता में आते ही बदल गए। साड़ी कारोबारी महेश नवलगढ़िया ने कहा कि व्यापारी टैक्स देने से बच नहीं रहे। आयकर दिया जा रहा है। ज्यादातर कारोबारी पढ़े-लिखे नहीं है। इसलिए यह फैसला अव्यवहारिक लग रहा है। बैठक में देवेंद्र मोहन पाठक, विजय कपूर, हरिमोहन शाह, हाजी रहीम, अतीक अंसारी, हाजी जियाउद्दीन, बॉबी ब्रिज, संजय कुमार, रविशंकर तिवारी, गौतम टंडन आदि ने विचार व्यक्त किए। बनारसी वस्त्र उद्योग एसोसिएशन के महामंत्री राजन बहल ने कहा कि यदि अनुमति मिली तो सोमवार को पीएमओ कार्यालय में पत्रक सौंपा जाएगा।