वाराणसी में लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सोमवार को पहुंचे मॉरीशस के प्रधानमंत्री सहित कई देशों में भारतीय मूल के मंत्री व सांसदों का भारतीय परंपरा अनुसार स्वागत हुआ। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंचे।
प्रवासी अतिथियों का स्वागत परंपरागत तरीके से माला पहनाकर और तिलक लगाकर किया गया। स्वागत से सभी मेहमान भाव विभोर नजर आए। सोमवार को प्रवासी भारतीय दिवस में शामिल होने विभिन्न देशों के लगभग 900 मेहमान पहुंचे। आगमन हॉल के एक कोने में बनारस की मशहूर शहनाई बजाकर उनका स्वागत किया जा रहा था।
वहीं दूसरी ओर स्कूल के दर्जनों छात्र छात्राएं तिलक रोली लगाकर मेहमानों की आरती उतारी। अतिथियों को दिए जा रहे किटबैग में आईडी कार्ड, होटल की बुकिंग, वाहन का डिटेल, कुंभ में जाने की जानकारी, पानी का थर्मस, पेन डायरी इत्यादि सामान मौजूद था।
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह नौ बजे एयरपोर्ट पहुंचे। वहीं, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ दोपहर दो बजे पहुंचे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शाम छह आए। मलेशिया के सांसद बिगनेश्वरन, मलेशिया के मंत्री बाला सुब्रमण्यम अपने परिवार के साथ पहुंचे।
दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार और लंदन के सांसद लॉर्ड राज लुंबा अपनी पत्नी के साथ दोपहर बाद तीन बजे पहुंचे। यूरोपी यूनियन की सांसद नीना गिल दोपहर एक बजे पहुंची। केन्या के सांसद डॉ. स्वरूप मिश्रा भी दोपहर एक बजे ही पहुंचे। उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह शाम छह बजे पहुंचे।