नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन वाराणसी की आठ विधानसभा क्षेत्रों में सर्वाधिक 87 नामांकन हुए। सुबह से ही कलेक्ट्रेट में गहमागहमी के बीच समर्थकों के साथ प्रत्याशी पहुंचे और भारी सुरक्षा के बीच नामांकन दाखिल हुए। भाजपा प्रत्याशी नील रतन पटेल नीलू व्हीलचेयर पर बैठकर नामांकन कक्ष तक पहुंचे। उधर, सपा गठबंधन से अपना दल (क) के प्रत्याशी अभय पटेल के समर्थकों ने कलेक्ट्रेट गेट पर हंगामा किया। हालांकि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा मौके पर पहुंचकर उन्हें खदेड़ा।
बृहस्पतिवार को सेवापुरी से भाजपा प्रत्याशी नीलरतन पटेल सहित सात, रोहनिया से अपना दल एस के प्रत्याशी डॉ. सुनील पटेल, अपना दल क से अभय पटेल, सपा से धर्मेंद्र सिंह सहित 13 ने नामांकन किया। उत्तरी में सपा के अशफाक अहमद, कांग्रेस की गुलेराना सहित 12 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया। कैंट में सपा की पूजा यादव, आम आदमी पार्टी के सत्यप्रकाश सहित 11 ने दावेदारी प्रस्तुत की। अजगरा में कांग्रेस की आशा देवी, हेमा देवी सहित 13 प्रत्याशियों ने नामांकन फार्म जमा किया। इसके अलावा 13, शिवपुर से 11, वाराणसी दक्षिणी से आठ, और सेवापुरी में सात सहित कुल 87 नामांकन हुए।
एक ही दल से अलग अलग प्रत्याशियों का दावा
अंतिम दिन राजनीतिक दलों के दावेदारों ने असमंजस की स्थिति भी उत्पन्न की। रोहनिया में सपा गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में अपना दल क के अभय पटेल के साथ ही धर्मेंद्र सिंह ने सपा से नामांकन का दावा किया। हालांकि सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने साफ किया है कि सहयोगी दल अपना दल क के प्रत्याशी ही अधिकृत है। सपा की ओर से कोई प्रत्याशी नहीं घोषित है। उधर, अजगरा में आशा देवी और हेमा देवी ने कांग्रेस से नामांकन का दावा किया। इस पर कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने बताया कि हेमा देवी ही हमारी अधिकृत प्रत्याशी हैं।
आज होगी नामांकन पत्रों की जांच
नामांकन प्रक्रिया के दौरान आठ विधानसभा क्षेत्रों में 150 से ज्यादा प्रत्याशियों ने नामांकन किया। शुक्रवार को सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए जमा किए गए नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और इसमें नियमों का पालन नहीं करने वाले दावेदारों के पर्चे खारिज भी होंगे। इसके बाद 21 फरवरी को नाम वापसी का मौका होगा।