जिले के मदरसों में बच्चों को मिल रहीं सुविधाएं, संचालित पाठ्यक्रम समेत 11 बिंदुओं पर जांच पड़ताल पूरी हो चुकी है। तीनों तहसील के उपजिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बीडीओ की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की है। अधिकारियों की जांच में 84 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित मिले हैं।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहे मदरसों की मान्यता को लेकर सर्वे कराया गया था। वाराणसी में भी शासन के आदेश के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की टीमों ने सर्वे किया। 84 मदरसे ऐसे मिले, जिनकी मान्यता नहीं थी। मंगलवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है।
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जिले के मदरसों में बच्चों को मिल रहीं सुविधाएं, संचालित पाठ्यक्रम समेत 11 बिंदुओं पर जांच पड़ताल पूरी हो चुकी है। तीनों तहसील के उपजिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बीडीओ की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच की है। अधिकारियों की जांच में 84 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित मिले हैं। इसमें बच्चों की संख्या बहुत कम है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में घरों में मदरसे और कुछ जगहों पर मस्जिदों में मदरसे संचालित है।
जांच में ये भी सामने आया है कि मदरसों में साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है। जिले में कुल 108 मदरसे संचालित हैं। इनमें से 24 मदरसे अनुदानित है। अनुदानित मदरसों में ही सिर्फ मिड डे मील की सुविधा बहाल है।