वाराणसी। आईना मुझसे पहली सी सूरत मांगे, मेरे अपने मेरे होने की निशानी मांगे। मैं भटकता ही रहा दर्द के वीराने में वक्त लिखता रहा चेहरे पर हर पल का हिसाब की प्रस्तुति सुनकर श्रोताओं की तालियां बंद होने का नाम ही नहीं ले रही थीं। आयोजन था सुरगंगा की 55 वीं निशा का, जिसमे बादशाह ए गजल तलत अजीज ने अपनी प्रस्तुति देकर सभी को गजलों की गायकी से जोड़ दिया।
विदुषी ठुमरी गायिका सिद्धेश्वरी देवी के स्मृति में निवेदित सुरगंगा में तलत की गजलों ने घाट की सीढ़ियों पर बैठे दर्शकों को साथ में गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद आज जाने की जिद न करो गाकर श्रोताओं से आशीर्वाद लिया।
तीसरी प्रस्तुति जिंदगी जब तेरी बज्म में फिर छिड़ी रात बात फूलों की सुनाकर कार्यक्त्रस्म को समाप्त किया। इससे पहले कलाकार सुचरिता गुप्ता ने अपने नानी गुरु के गायकी का एक सुंदर सफल एवं आनंददायक प्रस्तुति दी। सुचारिता ने सिद्धेश्वरी देवी के कई दादरा एवं परियों के गायन करके बनारस को अपने अतीत से दोबारा परिचित कराया। कार्यक्रम के प्रारंभ में बनारस के युवा प्रतिभा यू बी बैंड केकलाकार हर्ष गुर्जर ड्रम, सिद्धार्थ मिश्रा तबला ,शौर्य याग्निक गायन, मानसी पांडेय गायन, मानवेंद्र पांडे कीबोर्ड ,सक्षम गुर्जर गिटार एवं सुधांशु पांडे बेस गिटार द्वारा बेहरतीन प्रस्तुति की।
आज होंगे ये आयोजन
17 जनवरी की निशा महान गायनाचार्य प. विष्णु गोंविद कलविंट की स्मृति में निवेदित होगी जिसमें द्वितीय सत्र में प्रख्यात गायक विपिन अनेजा का संगीत कार्यक्रम होगा।