वाराणसी। पेपर लीक घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार सख्त कदम उठाए हैं। तकनीक का सहारा लेते हुए इस बार प्रश्नपत्र ऑनलाइन प्रधानाचार्यों को भेजे जाएंगे। इसके साथ ही सीबीएसई अब मूल्यांकन की प्रक्रिया में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। मूल्यांकन में होने वाली गड़बड़ियों को देखते हुए अब सभी मूल्यांकन केंद्रों पर 8-10 परीक्षक पर दो कोआर्डिनेटर और एक हेड होगा। कॉपी जंचने के बाद कोआर्डिनेटर उसे क्रास चेक करेंगे। इसके बाद हेड उसे क्रास चेक कर वेरिफाई करेगा। एक दिन एक परीक्षक 25 कापियां जांचेंगे।
शुक्रवार को वाराणसी सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स द्वारा कैंटोंमेंट स्थित एक होटल में आयोजित दो दिवसीय प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. सान्याम भारद्वाज ने प्रधानाचार्यों को ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए एक नई व्यवस्था लाई जा रही है। तीन घंटे में शिक्षक कितने प्रश्न हल कर सकते हैं, इसी मानक पर विद्यार्थियों के लिए प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को रिजल्ट के साथ ही मार्कशीट भी दे दी जाए, इस कोशिश में भी बोर्ड लगा है।
इस प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में शिक्षाविद स्वरूप संपत ने स्कूली स्तर पर जीवन कौशल की ट्रेनिंग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चों में रटने की बजाय सोचने समझने की क्षमता विकसित की जानी चाहिए। उनमें मौलिक सोच के साथ रचनात्मकता को बढ़ावा देने का प्रयास होना चाहिए। पढ़ाई के साथ ड्रामा, थिएटर, आर्ट को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इनसे पहले साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन ने साइबर सुरक्षा और निजता के बारे में बताया। बच्चों को साइबर अपराध से कैसे बचाएं इसकी जानकारी दी। वाराणसी सहोदय के सचिव मुकेश शेलत ने अतिथियों का स्वागत किया। इस कॉन्क्लेव में वाराणसी समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों से करीब 200 प्रधानाचार्य शामिल रहे।