ज्ञानपुर। अदालत के आदेश पर सरकार ने भले ही पॉलिथीन पर रोक लगा रखी है लेकिन जिले के बाजारों में इसका कारोबार खुलेआम चल रहा है। अफसरों की लापरवाही के चलते कोर्ट और शासन की मंशा पूरी नहीं हो रही। भदोही जिले में लाखों रुपये का पॉलिथीन का थोक और फुटकर कारोबार प्रतिदिन होता है। यहां आसपास के बड़े जनपदों वाराणसी, इलाहाबाद से पॉलिथीन मंगाई जाती है।
जिले के बाजारों में पॉलिथीन की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। तमाम छोटे-बड़े कार्यों में उपयोग में लाई जाने वाली पॉलिथीन के उपयोग का भदोही एक बड़ा केंद्र है। ज्ञानपुर, सुरियावां, घोसिया, औराई, जंगीगंज, चौरी, दुर्गागंज, महाराजगंज, बाबूसराय आदि बाजारों में प्रति दुकानदार दो से पांच किलो तक पॉलिथीन बेच दी जाती है, जबकि भदोही और गोपीगंज में थोक के हिसाब से पॉलिथीन बड़े पैमाने पर बेची जाती है। जिले में पॉलिथीन बिक्री के छोटे-बड़े सौ से अधिक दुकानदार और व्यापारी हैं, जो हर रोज तकरीबन आठ से 10 क्विंटल तक पॉलिथीन की बिक्री कर देते हैं। 120 से 150 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकने वाली पॉलिथीन सब्जी से लेकर लगभग हर दुकान पर सबसे प्रमुख जरूरत बन चुकी है। इस लिहाज से औसतन डेढ़ से दो लाख का पॉलिथीन प्रतिदिन बिक जाता है। गिनती के बड़े व्यवसायियों को छोड़ दें तो बड़े शोरूमों में भी अभी पॉलिथीन या प्लास्टिक के ही कैरीबैग चलन में हैं। इसके अलावा पैक सामानों में प्रयोग होने वाले पॉलिथीन भी अगले दिन कचरा बनकर पर्यावरण में कभी नष्ट न होने वाली गंदगी फैलाते हैं। खास बात यह है कि उच्चाधिकारियों से कड़े आदेश न मिलने के कारण स्थानीय स्तर पर भी अधिकारी इसको लेकर शिथिल रहे और पॉलिथीन का चलन कार्य व्यवहार में जारी रहा। परिणामस्वरूप अब भी पॉलिथीन बाजार से लेकर घर तक समस्या बनी हुई है। इस संबंध में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पॉलिथीन पर अंकुश लगाने को लेकर शासन के आदेश के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। इस पर प्रभावी रोक लगाने के लिए योजना पहले से ही बनाई जा रही है।