वाराणसी। दो दिवसीय दौरे में यहां आए प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने जिला प्रशासन को वरुणा कॉरिडोर का निर्माण 31 मार्च तक पूरा कराने का बड़ा टास्क दिया है। शनिवार को लखनऊ लौटने से पहले उन्होंने जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र को निर्देश दिया कि वह खुद कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग करें और हर हाल में निर्धारित समयावधि के भीतर इसे तैयार कराएं। वरुणा के चैनलाइजेशन और ग्रीन बेल्ट की राह में अवैध निर्माण बड़ा रोड़ा है। साल भर पहले से शुरू हुई अवैध निर्माणों को हटाने की कवायद अब तक नोटिस से आगे नहीं बढ़ पाई है। ऐसे में अवैध निर्माणों को हटाकर मार्च तक कॉरिडोर को मूर्तरूप देने की एक बड़ी चुनौती कार्यदायी संस्था के साथ प्रशासन के सामने है।
प्रशासनिक अधिकारियों को दिशा-निर्देश देने के बाद मुख्य सचिव राजीव कुमार शनिवार की सुबह करीब आठ बजे बाबतपुर एयरपोर्ट से लखनऊ रवाना हुए। उन्हें एयरपोर्ट तक छोड़ने के लिए डीएम योगेश्वर राम मिश्र समेत पूरा प्रशासनिक अमला पहुंचा था। रवानगी से पहले मुख्य सचिव ने जिले में निर्माणाधीन विकास कार्यों को हर हाल में तय समय पर पूरा कराने की ताकीद की। वरुणा कॉरिडोर को लेकर खास तौर से ताकीद की। डीएम को खुद वरुणा कॉरिडोर के निर्माण कार्य की निगरानी करने को कहा। प्रशासनिक महकमे में चर्चा रही कि मुख्य सचिव अगले सप्ताह फिर वाराणसी आ सकते हैं। इससे पहले मुख्य सचिव शुक्रवार की रात सर्किट हाउस में रात्रि प्रवास के दौरान जिले के आला अधिकारियों के साथ डिनर किया। प्रशासनिक अधिकारियों से फोर लेन निर्माण, जमीन अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, वरुणा कॉरिडोर आदि की स्थिति जानी। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कॉरिडोर की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने सिंचाई और यूपीपीसीएल के अभियंताओं को कार्यशैली में सुधार लाने की नसीहत भी दी।