वाराणसी। मशहूर फोटोग्राफर पद्मश्री रघु राय ने कहा कि बेहतरीन तस्वीरें खींचनी हैं तो दिमाग से नहीं दिल से सोचें। दिल को लगे कि यह बेहतर है तभी क्लिक करें। यकीन मानिए वह तस्वीर सबसे बेहतर होगी जिसे आप दिल से क्लिक करते हैं। वह शनिवार को क्रिएटिव फोरम की ओर से होटल हिन्दुस्तान में आयोजित दो दिवसीय नेशनल फोटोग्राफी वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों से अपने अनुभव साझा कर रहे थे।
फोटो फ्रेम बनाते समय यह जरूर ध्यान रखें कि उसका कोई भी हिस्सा खाली न रहे। कलर और एक्सपोजर बैलेंस होना चाहिए। पोट्रेट पिक्चर क्लिक करते समय यह ध्यान रखें कि उसमें एक्शन हो, मूड हो, कलर बैलेंस्ड हों। प्रतिभागियों को बनारस के घाटों की तस्वीरों का टास्क दिया गया था और इस पर शनिवार को चर्चा भी की गई। रघु राय ने सभी प्रतिभागियों की तस्वीरों में खामियों को बताया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्लानर इंडिया के निदेशक श्याम लाल सिंह थे। कार्यक्रम का संयोजन क्रिएटिव फोरम के निदेशक राजकुमार सिंह ने किया।
वर्कशाप ने बदल दिया नजरिया
वाराणसी। दो दिवसीय वर्कशाप में शामिल होकर मेरा तो नजरिया ही बदल गया। पहले मैं नेचर और बर्ड की तस्वीरें क्लिक करता था। रघु राय सर के वर्कशाप और बनारस आने के बाद व्यक्तियों पर केंद्रित तस्वीरें खींचने का प्रयास कर रहा हूं। यह कहना है बेंगलूरू से आए बालाचंद का। उन्होंने बताया कि यह शहर तो पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें एक ऐसा आकर्षण है जो मुझे हमेसा खींचता है। पिछले 20 साल से फोटोग्राफी कर रहा हूं। यह मेरी हॉबी है। फोटोग्राफी में बहुत बदलाव आया है और यह बेहतर है। नई दिल्ली से आए गौरव अरोरा ने कहा कि बेहतरीन वर्कशाप है और बहुत कुछ नया सीखने को मिला।
नेशनल वर्कशाप में बनारस ने नहीं दिखाई रुचि
वाराणसी। अरुणा रमन ने कहा कि बहुत आश्चर्य की बात है कि नेशनल वर्कशाप में यहां के लोगों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। बनारस वालों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई यह बहुत ही दुखद बात है। 20 प्रतिभागियों में से काशी के मात्र तीन लोगों ने ही इसमें प्रतिभाग किया है।