ज्ञानपुर (भदोही)। भदोही जिले में एक हजार से अधिक तालाबों, पोखरों चारागाह समेत दो हजार बीघे से ज्यादा सरकारी जमीन दबंगों और भूमाफिया का कब्जा है। सरकारी जमीनों पर मनमाने ढंग से अतिक्रमण की लगातार शिकायतें आने के बाद जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। ऐसी भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले भर के भूमाफिया और कब्जा करने वालों को चिह्नित करने के साथ ही नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिले की तीनों तहसीलों में सरकारी जमीनों पर मनमाने ढंग से कब्जा किया गया है। तहसीलों में तालाब, पोखरों, चारागाह, खलिहान आदि की दो हजार बीघा से से ज्यादा ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर पालिका की जमीनें भूमाफिया के कब्जे में हैं। कहीं सरकारी जमीन पर खेती हो रही है तो कहीं इमारतें खड़ी हो गईं हैं। जिले की कुल 561 ग्राम पंचायतों में से लगभग सभी में दो-तीन तालाब और पोखरे हैं। इनमें ज्यादातर तालाबों और पोखरों की जमीनों पर कब्जा हो गया है। शिकायतों की जांच में प्रशासन के सामने भी यह कड़वी सच्चाई आ गई है। औराई तहसील क्षेत्र के इसमैला, बिजला, उचेठा, बाड़ी, पचल, खेतलपुर आदि गांवों में बड़े पैमाने पर सरकारी जमीनों पर कब्जा किया गया है। इसी तरह भदोही और ज्ञानपुर तहसील में भी बड़े पैमाने पर तालाब, चारागाह और पुरानी परती की जमीनें अतिक्रमणकारियों के कब्जे में हैं। एक आंकड़े के मुताबिक तकरीबन दो हजार बीघे सरकारी जमीनों पर कब्जा होने का अनुमान लगाया गया है। कई स्थानों पर तो मनबढ़ भूमाफिया ने सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के बाद उसे बेच भी दिया है। खास बात यह है कि प्रशासन ने अब तक केवल छह भू-माफिया को चिह्नित किया है। एडीएम राम सिंह वर्मा ने बताया कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों को को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।