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सांस्कृतिक राजधानी को विस्तार देगा सांस्कृतिक केंद्र

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वाराणसी। काशी की सांस्कृति विरासत को सहेजने, संवारने के साथ ही भव्य स्वरूप देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से पहल जारी है। इसी के मद्देनजर मंगलवार को योगी सरकार के बजट में काशी में सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्थानीय मंत्री और अधिकारियों की कवायद का नतीजा है कि सांस्कृतिक केंद्र बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने भी कदम बढ़ा दिया है। सरकार की इस योजना से काशीवासियों और कलाकारों में हर्ष है।
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भारत की सांस्कृतिक राजधानी बनारस संगीत, कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। विधि, न्याय, सूचना, खेल युवा कल्याण राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी के प्रयास से वाराणसी में सांस्कृतिक केंद्र बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने बजट में 200 करोड़ का आवंटन किया है। इसके लिए जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रमुख डॉ. रत्नेश वर्मा ने बताया कि मंत्री की पहल पर इसके लिए कई बार बैठक के बाद प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा गया था।
सांस्कृतिक केंद्र में ऑडिटोरियम, चित्र प्रदर्शनियों के स्टाल लगाने की व्यवस्था, नृत्य, संगीत के अलावा नाट्यमंचन आदि के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही पूर्वांचल की लोक विधाओं और संगीत को भी सहेजने का प्रयास होगा।
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परिवहन और पर्यटन को मिलेगी नई राह
वाराणसी। योगी सरकार के बजट से परिवहन और पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जग गई है। इससे एयरपोर्ट के हवाई पट्टी के विस्तार के कार्य में तेजी आ सकती है तो वहीं रोडवेज बस अड्डा के उच्चीकरण और मेट्रो रेल परियोजना को भी पंख लग सकते हैं। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी और पर्यटन विकास की योजनाओं में भी चार चांद लग सकते हैं।
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रन-वे की लंबाई 1700 मीटर बढ़ाई जानी है, ताकि बड़े एयरक्राफ्ट भी हवाईअड्डे पर आसानी से उतर सकें। अभी तक रन-वे की लंबाई 2745 मीटर है। रन-वे विस्तार के लिए 350 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
राज्य सरकार ने बजट में एयरपोर्ट के रनवे विस्तार व जमीन अधिग्रहण के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इसका फायदा बाबतपुर एयरपोर्ट को मिलेगा। वहीं प्रदेश में वाराणसी में रोडवेज बस अड्डे का उच्चीकरण कर इसे नया रूप दिया जाएगा। यात्री सुविधाओं में भी विस्तार होगा। वहीं शहर में मेट्रो रेल परियोजना सहित कुछ अन्य जिलों में मेट्रो परियोजना शुरू करने के लिए 288 करोड़ के बजट की व्यवस्था की गई है। वाराणसी में 29.2 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना का कार्य दो फेज में होना है। पहला बीएचयू से भेल और दूसरे चरण में बेनियाबाग से सारनाथ तक मेट्रो लाइन बिछाई जानी है। इस पर 17258 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया गया है। वहीं स्मार्ट सिटी और कुंडों, तालाबों के लिए आवंटित बजट का फायदा वाराणसी को मिलेगा। राम, कृष्ण और बुद्ध सर्किट के लिए भी प्रदेश सरकार के बजट में व्यवस्था की गई है पर बुद्ध सर्किट का नंबर फिलहाल दूसरे फेज में आएगा। इससे सड़क और पाथवे का निर्माण किया जाएगा।
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