फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: 76 साल पहले नागरी प्रचारिणी में था बीएचयू का भारत कला भवन, यहीं आए थे गांधी जी

विज्ञापन
नागरी प्रचारिणी सभा के स्थापना दिवस समारोह में काशी के कुशवाहा कांत किताब का लोकार्पण करते अतिथ - फोटो : Archive
विज्ञापन
76 साल के बाद बीएचयू के भारत कला भवन संग्रहालय और नागरी प्रचारिणी सभा का मेल हुआ। प्रचारिणी सभा के 134वें स्थापना दिवस समारोह के तहत शुक्रवार को सभा के आर्यभाषा पुस्तकालय में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित चतुर्वेदी ने प्रतिपदा कला दीर्घा और पावस शीर्षक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। ये सभी चित्र भारत कला भवन से आए थे।
विज्ञापन

सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने कहा कि 1950 के पहले तक भारत कला भवन सभा का अंश था। महात्मा गांधी ने यहीं पर कला भवन की सामग्री का अवलोकन किया था। स्थान कम होने के चलते कला भवन बीएचयू का हिस्सा बन गया और यह पुराना संबंध ध्यान से उतर गया। 76 साल बाद भारत कला भवन प्रदर्शनी में शामिल चित्रों के रूप में फिर से सभा लौटा है।

कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि दोनों संस्थाओं को साथ मिलकर बड़ी परियोजनाओं को अपने हाथ में लेना चाहिए। दोनों संग्रहालयों में उपलब्ध वस्तुओं और हस्तलेखों की प्रतिकृतियां दोनों संस्थाओं के पास होनी चाहिए। इस दौरान कला भवन के निदेशक श्रीरूप राय चौधरी ने घोषणा की कि इस प्रदर्शनी में शामिल सभी चित्र सभा को भेंट किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

इस प्रदर्शनी में बंगाल चित्रकला शैली के शैलेंद्रनाथ डे और रामगोपाल विजयवर्गीय जैसे असाधारण कलाकारों के अनमोल चित्रों के साथ कंपनी और मुगल शैली के अनुपम चित्र भी शामिल हैं। कला भवन के उप निदेशक डॉ. निशांत ने बंगाल शैली और भारत कला भवन में उपलब्ध दुर्लभ साहित्यिक संपदा की विस्तार से चर्चा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें