राजातालाब। भैरवतालाब में लगे रथयात्रा मेले के अंतिम दिन शुक्रवार को भीड़ उमड़ी। दर्जनों गांवों के लोग मेले में पहुंचे। भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। परंपरानुसार दूसरे दिन कजरहवा मेले के नाम से प्रसिद्ध इस मेले में रिश्तों की मिठास घुली। माना जाता है कि इस दिन महिलाएं काजल लगाकर मेले में आती है। सास-बहू सहित अन्य रिश्तेदारों ने मेले का आनंद उठाया।
रथयात्रा मेला मूल स्थान से आगे बढ़कर वापस राजातालाब लाया गया। मेले में तरह-तरह की मिठाइयां, नानखटाई, चाट, गोलगप्पे की दुकानें लगी थी। झूले भी लगे थे। महिलाओं ने कड़ाही, कलछुल, तवा, चौका, बेलन आदि की खरीदारी की। मेले में नव दंपती, नई नवेली बहुएं और उनके ससुराल वाले भी पहुंचे थे। बीरभानपुर के पारस सिंह बताते हैं कि मेले में जाने के लिए मेरे घर मेहमान दो दिन पहले से आ गए थे। गंजारी के एडवोकेट राजेश सिंह, मनोज सिंह, कल्लीपुर के सुशील सिंह, मोती कोट के प्रदीप सिंह, प्रदीप उपाध्याय ने बताया कि मेले से पहले ही घर पर मेहमान आ जाते हैं। उधर, रामनगर के अयोध्या मैदान में रथ पर विराजमान राधाकृष्ण के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी पड़ी। भक्तों ने दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। दूसरे दिन भी काशीराज परिवार के डॉ. अनंत नारायण सिंह ने राधा-कृष्ण का दर्शन पूजन किया।