वाराणसी। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। मंगलवार को बड़ी परीक्षा शुरू होने के साथ खामियां सामने आने लगी। केंद्रों पर जहां कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंच रहे हैं वहीं कापियों में गड़बड़ी से भी परीक्षार्थियों को परेशान होना पड़ा। यहीं नहीं बिना परिचय पत्र के ही परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी कराई जा रही है।
जिले में 150 केंद्रों पर सात फरवरी से चल रही बोर्ड परीक्षा में अब तक सात फरवरी को संगीत गायन, काष्ठ शिल्प, सिलाई, मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, तर्कशास्त्र, ग्रंथ शिल्प और आठ फरवरी को कृषि, संगीत गायन, नृत्यकला के साथ ही अलग-अलग भाषाओं की परीक्षा हुई। 12 फरवरी को हाईस्कूल, इंटरमीडिएट में हिंदी की परीक्षा सभी केंद्राें पर थी और इसके लिए पहले से तैयारी भी हुई थी लेकिन परीक्षा में तैयारी धरी की धरी रह गई। शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में अधिकांश केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक पहुंचे ही नहीं यहां केंद्राध्यक्षों को दो की बजाय किसी तरह एक कक्ष निरीक्षक से ड़यूटी करानी पड़ी। कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक, कर्मचारी बिना परिचय पत्र के ही ड्यूटी करते मिले। उधर ग्रामीण इलाकों में केंद्रों के गेट पर भीड़ लग रही है। यहां गाड़ी खड़ी कर अभिभावक, छात्र खड़े मिले जबकि डीएम ने परीक्षा के समय केंद्र से 200 मीटर तक किसी के खड़े न होने का निर्देश दिया था।
सारनाथ संवाददाता के अनुसार महाबोधि इंटर कॉलेज में परीक्षार्थियों ने बताया कि जो कॉपी मिली उसमें एक तरफ सादा था, दूसरी तरफ लाइनिंग बनी थी। इसके अलावा मुख्य पेज पर भी अनुक्रमांक, तारीख आदि भी सही तरीके से प्रिंट नहीं थे। राजातालाब संवाददाता के अनुसार गंगापुर इंटर कॉलेज, मालवीय इंटर कॉलेज शाहंशाहपुर, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज जक्खिनी तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जक्खिनी में कक्ष निरीक्षकों की कमी रही। रोहनिया संवाददाता के अनुसार जगतपुर इंटर कॉलेज में दूसरे विद्यालयों के 27 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रधानाचार्य आरपी सिंह ने बताया कि केवल 10 कक्ष निरीक्षक ही आए। मातादीन सुकुल स्मारक इंटर कालेज के प्रधानाचार्य शिवानंद त्रिपाठी के मुताबिक केंद्र पर कक्ष निरीक्षकों की कमी बनी रही।