ज्ञानपुर। उत्पीड़न से मुक्ति और पूर्ण अधिकार के लिए जो लड़ाई चल रही है, वह जारी रहेगी। प्रधानों का उत्पीड़न न रुका तो बड़े पैमाने आंदोलन किया जाएगा। मंगलवार को प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक रेस्टोरेंट में अखिल भारतीय प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने पत्रकारों से ये बातें कहीं। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश उपाध्यक्ष और दो जिला उपाध्यक्षों को उनका मनोनयन पत्र भी सौंपा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि पंचायत एक्ट में तय है कि हलफनामा पर 20 लोग अगर शिकायत करें, तब गांव की जांच कराई जाए लेकिन एक प्रार्थना पत्र पर ही प्रशासन जांच कराने लगता है। बिना नोटिस के मरसड़ा के प्रधान का उत्पीड़न किया जा रहा है। शौचालय निर्माण का पैसा लाभार्थी के खाते में जाता है, लेकिन जांच प्रधान की होती है। प्रधान की जांच अगर करानी है तो उसके लिए जिलास्तर पर कमेटी का गठन किया जाए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर कुसौड़ा के प्रधान संजय श्रीवास्तव को प्रदेश उपाध्यक्ष, मंगुरा के अजीत यादव और सराय छत्रशाह के प्रधान संजय दूबे को जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। कहा कि आठ अप्रैल को प्रधान संगठन का जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में प्रधान अपनी समस्याएं रखेंगे। बताया कि प्रधानों को 30 हजार मानदेय, 10 हजार पेंशन और असामयिक मृत्यु पर परिवार को 20 लाख सहायता राशि देने की मांग को लेकर संगठन का आंदोलन जारी रहेगा।