भदोही। कालीन उद्यमियों की उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी) के पूर्व बीटेक छात्र अनिल कुमार ने कार्य योजना तैयार की है। रविवार को संस्थान में अपनी कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए अनिल ने बताया कि वैश्विक बाजार के खुल जाने के बाद अब कारपोरेट ट्रेनिंग जरूरी है। उद्यमियों विशेषकर उनके यहां कार्यरत मुलाजिमों को प्रशिक्षित होना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
पुरा छात्र ने प्रोजेक्टर के माध्यम से बताया कि अब
किसी संस्थान अथवा कंपनी में कार्यरत लोगों को अपने क्षेत्र में महारथ रखना होगा। विश्व बाजार, उत्पादों की गुणवत्ता, बायर रिलेशन मजबूत करने और सैंपल डेवलपमेंट में दक्ष होना होगा। आज जरूरत है कि कारोबारी बाजार के रुख को समझें और उसी अनुरूप उत्पाद और व्यापार की रणनीति बनाएं। अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के मानद सचिव पियुष बरनवाल ने प्रेजेंटेशन की सराहना की और कारपोरेट ट्रेनिंग को वर्तमान परिवेश में आवश्यक बताया। उन्होंने बीटेक छात्र की सोच और अवधारणा को सटीक करार देते हुए कहा कि कारपोरेट ट्रेनिंग से उद्यमिता निश्चित रूप से बढ़ेगी। संस्थान के निदेशक प्रो.केके गोस्वामी ने भी अनिल कुमार के प्रेजेंटेशन की सराहना की। कार्यशाला में बीटेक छात्र-छात्राओं के अलावा प्रशासनिक अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला, जयंत देश पांडेय, एसके सिन्हा, श्वेतांक शेखर, सैम्युअल आदि मौजूद रहे।