डोभी। वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए केराकत तहसील के 20 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। किसान मुआवजे की दर से संतुष्ट नहीं हैं और कई बार आंदोलन कर चुके हैं। केराकत विधायक दिनेश चंद्र चौधरी ने शनिवार को मुख्यमंत्री मिलकर वाजिब मुआवजा दिलाने की मांग की। कमिश्नर को अविलंब समस्या का निस्तारण करने को कहा है।
वाराणसी से गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 233 को फोर लेन बनाने के लिए केराकत तहसील के 20 गांवों के 3497 किसानों की 181 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है। खुज्झी, चंदवक, बजरंगनगर, विशुनपुर, अइलियां, मुर्खा, कनौरा आदि गांव के किसानों की भूमि ली गई है। किसानों ने मुआवजे को अपर्याप्त बताचे हुए मुआवजा लेने से इंकार कर दिया था। वाजिब मुआवजे के लिए राजेंद्र सिंह, सुषमा निषाद, पन्ना सिंह, रामेश्वर सिंह, संकठा सिंह, रामसहाय निषाद आदि किसानों द्वारा ब्लाक, तहसील व जिला मुख्यालय पर कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। उनके द्वारा आंदोलन लगातार जारी है। किसानों के इसी समस्या को लेकर केराकत विधायक ने मुख्यमंत्री से शनिवार को मुलाकात किए। इस दौरान किसानों को जिलाधिकारी द्वारा निर्धारित सर्किल दर में निहित नियम एवं उपबंध के अनुसार अधिकतम दर पर मुआवजा दिए जाने की अपील की।