वाराणसी। संस्कृति विभाग की ओर से पड़ाव स्थित गन्ना शोध संस्थान की जमीन पर बनने वाले पंडित दीनदयाल संग्रहालय को केंद्र और प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद उसके निर्माण शुरू करने की कवायद तेज हो गई। शुक्रवार को वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। संस्कृति विभाग की ओर से इस पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। संग्रहालय में उनकी स्मृतियों को सहेजा जाएगा। साथ ही, उनके योगदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा ताकि जनमानस उनके राष्ट्रीय योगदान को जान सकें।
पड़ाव स्थित गन्ना शोध संस्थान में संग्रहालय, पार्क के साथ पड़ाव चौराहे का सुंदरीकरण एवं वहां उनके नाम से बड़ा आलीशान प्रवेश द्वार भी बनेगा। वीडीए वीसी राजेश कुमार ने बताया कि चौराहे से लगी हर सड़क की दोनों ओर हरित पट्टी 200 मीटर तक विकसित की जाएगी। इंटरलॉकिंग, पार्किंग, बैरिकेडिंग के साथ ही हाईमास्ट हेरिटेज पोल लगाकर चौराहे को आकर्षक बनाया जाएगा। जमीन को अधिग्रहित कर जल्द निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि संस्कृति विभाग के सहयोग से वाराणसी विकास प्राधिकरण ने पड़ाव चौराहे पर दीन दयाल उपाध्याय के नाम से संग्रहालय का प्रस्ताव अगस्त 2017 में शासन में भेजा था। इसमें 30 करोड़ रुपये की लागत से गन्ना शोध संस्थान की 1.24 एकड़ जमीन पर संग्रहालय का निर्माण कराया जाना है। इसके अलावा 20 करोड़ रुपये से चौराहे से 200 मीटर तक प्रवेश द्वार, सड़क निर्माण, बैरिकेडिंग, पार्किंग, लाइट सहित अन्य कार्यों से चौराहों का सुंदरीकरण कराया जाना है।