वाराणसी। बीएचयू पत्रकारिता विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शोभना नार्लीकर और कला संकाय प्रमुख प्रो. कुमार पंकज के बीच चल रहे विवाद की जांच करने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज कलीमुल्लाह खान विश्वविद्यालय पहुंच गए हैं। शनिवार को उनके बुलावे पर एलडी गेस्ट हाउस पहुंचकर डॉ.नार्लीकर ने अपना बयान दर्ज कराया। मामले में रविवार को कला संकाय प्रमुख प्रो. कुमार पंकज को बुलाया गया है और वह जस्टिस के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
पत्रकारिता विभाग की शिक्षक डॉ. नार्लीकर ने आठ जुलाई को लंका थाने में तहरीर देकर प्रो. पंकज के विरुद्ध धमकी के साथ ही एससी-एसटी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। तीन दिन बाद छात्रों, शिक्षकों संग सिंह द्वार पर धरना देने के साथ ही संकाय प्रमुख की गिरफ्तारी के लिए लंका थाने का घेराव भी किया गया था। उधर 65 शिक्षकों ने कुलपति को पत्र देकर डॉ. नार्लीकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कुलपति ने न्यायिक जांच कराने का फैसला लेते हुए हाईकोर्ट के रिटायर जज जस्टिस कलीमुल्लाह खान का नाम तय किया और उन्होंने अपनी सहमति भी दे दी थी। सूत्रों की माने तो मामले की जांच करने जस्टिस कलीमुल्लाह बीएचयू शुक्रवार देर शाम पहुंच गए और शनिवार से जांच शुरू हो गई। इस बीच डॉ. नार्लीकर गेस्ट हाउस पहुंची और इससे जुड़े कागजात दिखाने के साथ ही अपना बयान दर्ज कराया। इसमें शिक्षिका ने पद पर बने रहते संकाय प्रमुख के खिलाफ जांच न कराने की बात कही। उधर रविवार को संकाय प्रमुख गेस्ट हाउस पहुंचकर अपना बयान दर्ज कराएंगे।