वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तीन दिवसीय केंद्रीय विश्वविद्यालय अभ्यास वर्ग में विश्वविद्यालयों में व्याप्त शैक्षिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही शैक्षिक संस्थानों में इकाई को मजबूत करने, महिला शिक्षा सर्वेक्षण, कार्यशालाएं आयोजित कराने का फैसला लिया गया। शनिवार को धर्मसंघ शिक्षा मंडल में पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रीय महामंत्री विनय बिदरे ने ये बातें कहीं।
महामंत्री ने कहा कि कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस इस समय एक्टिविस्ट सेंटर बनते जा रहे हैं। जेएनयू और हैदराबाद विश्वविद्यालय इसके उदाहरण हैं। ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की जरूरत है। छात्र-छात्राओं को भी सजग रहना होगा। संगठन की गतिविधियों के बारे में राष्ट्रीय महामंत्री ने कहा कि इस समय परिषद की सदस्य 854754 पहुंच गई है। उच्च शिक्षा में महिलाओं की स्थिति को लेकर 9 से 13 अगस्त तक होने वाले सर्वे कराया जाएगा। देश भर में 50 हजार महिलाओं पर सर्वे किया जाएगा। इनमें पड़ोसी देशों से सटे जिलों की महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी पर चिंता जताई और स्टेट यूनिवर्सिटी फंडिंग कमीशन और एजूकेशन पॉलिसी बनाने की मांग उठाई। कहा कि परिषद इसके लिए अभियान चलाएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल के छात्रों को परिषद से जोड़ने की योजना है ताकि निचले तबके के लोगों को चिकित्सा सेवा मुहैया कराई जा सके।