फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीडीडीयू जंक्शन से गुजरने वाली 70 जोड़ी ट्रेनें होंगी एसी, ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ी

Mon, 12 Oct 2020 08:39 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
विज्ञापन
विज्ञापन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से होकर गुजरने वाली 70 जोड़ी ट्रेनें एसी में तब्दील हो जाएंगी। सिर्फ पैसेंजर ट्रेनों में ही जनरल कोच दिखेंगे। कोरोना काल में 70 जोड़ी से अधिक ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे की जा चुकी है। एलएचबी कोच वाले अन्य ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।  

विज्ञापन


 मिशन रफ्तार के तहत रेलवे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। रेल मंत्रालय के प्रवक्ता डीजे नरायन के अनुसार स्वर्णिम चतुर्भुज रेल ट्रैक को अपग्रेड कर 130 से 160 किमी की रफ्तार के योग्य बनाया जा रहा है। 130 किमी की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों से स्लीपर और जनरल कोच को हटा दिया जाएगा और उन्हें एसी करने की योजना बनाई जा रही है।

मंडल में पिछले कई वर्षों से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए ट्रैकों की मरम्मत और सिग्नल बदलने का काम पूरा हो चुका है। पिछले वर्ष ही अक्तूबर में पीडीडीयू जंक्शन से धनबाद तक ट्रेनों की रफ्तार की जांच की गई थी।

टेस्टिंग सफल होने के बाद धनबाद लुधियाना, पुरुषोत्तम, महाबोधि, नीलांचल, हावड़ा जोधपुर, पूर्वा, बांबे मेल, अजमेर सियालदह सहित 70 जोड़ी ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर 130 किमी प्रतिघंटे कर दी गई। कोरोना के पूर्व पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में 135 जोड़ी राजधानी, दुरंतो सहित मेल /एक्सप्रेस ट्रेनें और सौ जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें चल रही थीं। कोरोना की वजह से ट्रेनों का संचालन बंद किया गया है लेकिन इस दौरान ट्रैकों का मेेंटनेंस अच्छा हुआ है। अब ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। ऐसे में मंडल से होकर गुजरने वाली 70 जोड़ी ट्रेनें बिना स्लीपर और जनरल कोच के हो जाएंगी। 
विज्ञापन

मंडल में 70 जोड़ी से अधिक ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटे की जा चुकी है। सभी ट्रेनों को एसी करने का प्रस्ताव मंडल में फिलहाल नहीं आया है। हालांकि  रेलवे मंत्रालय में इस तरह की योजना पर विचार चल रहा है। आदेश आने के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।  
मोहम्मद इकबाल, मंडल वाणिज्य प्रबंधक, पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें