वाराणसी। जिले में डेंगू का कहर जारी है। शहर से लेकर गांव से हर दिन डेंगू पीड़ित मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। मंडलीय, दीनदयाल अस्पताल में अलग डेंगू वार्ड से लेकर बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के स्पेशल वार्ड, मेडिकल वार्ड और आईसीयू में भी डेंगू पीड़ितों का इलाज चल रहा है। सात दिन में अब तक डेंगू से तीन मौतें हो चुकी हैं।
कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल और दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल में बना अलग डेंगू वार्ड में मरीजों के लिए जगह नहीं बची है। सरकारी अस्पतालों में जहां 30 मरीज भर्ती है, वहीं बीएचयू में 12 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सबसे अधिक परेशानी प्लेटलेटस के लिए हो रही है। बीएचयू अस्पताल स्थित ब्लड बैंक, मंडलीय अस्पताल के साथ ही आईएमए ब्लड बैंक पर तो देर रात तक लोग प्लेटलेटस लेने पहुंच रहे हैं। आईएमएस से हर दिन 200 यूनिट प्लेटलेटस दिया जा रहा है, जो सामान्य दिनों से दोगुना से अधिक है। इस बीच छह अक्तूबर को बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती तेलियाबाग निवासी महिला सरोज और दस अक्तूबर को यहीं भर्ती एसएसपी के हेडपेशी यशवंत सिंह यादव और 13 अक्तूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज भदोही में चिकित्सक डॉ. अभय सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई।
डीएम करेंगे कार्यों की समीक्षा
डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और पंचायत राज विभाग को अभियान चलाकर फागिंग, एंटीलार्वा का छिड़काव कराने का निर्देश दिया है। इन विभागों की ओर से लगाए गए कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों के कार्यों की हर दिन मॉनीटरिंग भी होगी। इसमें शहरी क्षेत्र में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग जबकि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग-पंचायत राज विभाग को संयुक्त रूप सेे टीम बनाकर काम करते रहने का निर्देश दिया। डीएम ने ब्लॉक स्तर पर बीडीओ, प्रभारी चिकित्साधिकारी को मानीटरिंग कर इसकी रिपोर्ट सीएमओ को देने का निर्देश दिया है। प्रधानाचार्यों को भी स्कूलों में प्रार्थना के समय डेंगू, मलेरिया आदि संचारी रोग के कारण और बचाव के बारे में जागरूक करते रहने का निर्देश दिया है। कहा कि संचारी रोग के रोकथाम में लगे कर्मचारियों के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और ऐसा पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।