वाराणसी। बीएचयू में पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में नियुक्तियों की जांच के बाद अब इनके कार्यकाल में हुए शिक्षकों के प्रमोशन पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों की मानें तो इस दौरान करीब दर्जन भर ऐसे शिक्षकों के प्रमोशन हुए हैं, जिनकी योग्यता को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और मानव संसाधन मंत्रालय तक शिकायत गई है। इसमें कला, विज्ञान, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय सहित कुछ और संकायों के शिक्षक शामिल हैं। माना जा रहा है इसकी जांच होने पर प्रमोशन पा चुके शिक्षक भी इसके दायरे में आ सकते हैं।
अपने विदाई समारोह में प्रो. त्रिपाठी ने मजबूरी में अयोग्य लोगों की नियुक्ति वाला बयान दिया था। इसके बाद जहां अलग-अलग विभागों में हुई नियुक्तियों पर दो दर्जन से अधिक शिकायतें राष्ट्रपति, पीएमओ, मानव संसाधन मंत्रालय तक हो चुकी हैं वहीं, अब प्रमोशन में भी गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। पीएमओ में जो शिकायत हुई हैं, उसमें संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय, कला, विज्ञान संकाय सहित कुछ अन्य संकायों में प्रमोशन पर सवाल खड़ा करते हुए जांच की मांग की गई है।
सूत्रों की मानें तो संस्कृत धर्म विज्ञान संकाय के एक विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के प्रमोशन को लेकर न केवल आरटीआई के जरिए संबंधित शिक्षक के दस्तावेज मांगे गए बल्कि विश्वविद्यालय से दस्तावेज मिलने के बाद उस पर सवाल खड़ा करते हुए पीएमओ में शिकायत भी जनवरी के पहले सप्ताह में की गई है। कुछ ऐसा ही मामला कला, विज्ञान संकाय सहित अन्य संकायों के तहत हुए प्रमोशन का है। अब जब एक-एक कर जांच शुरू होती जा रही है, ऐसे में नियुक्ति के साथ-साथ प्रमोशन पाने वालों की धुकधुकी बढ़ गई है।