वाराणसी। गणपति बप्पा मोरिया ... की काशी में धूम मचने वाली है। लाल बाग के राजा भी विराजेंगे और सिद्धि विनायक भी। जोड़ा गणेश के भी दर्शन होंगे और विद्यार्थी गणेश के भी। छप्पन विनायकों की नगरी में 25 अगस्त को 20 से अधिक स्थानों पर गणपति की प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना होगी। इसके लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रतिमाओं को जहां अंतिम रूप दिया जा रहा है, वहीं पूजा समितियों ने गणेशोत्सव के लिए रंगोली प्रतियोगिताओं के साथ ही वाद विवाद प्रतियोगिताओं की रूपरेखा बनाई है।
गणेश नवरात्र के लिए काशी में तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। अगस्त्यकुंडा स्थित शारदा भवन में इस बार भी अमरूद की लकड़ी से तैयार राजा भोसले के महल की अनुकृति वाले लघु पंडाल में गणेश प्रतिमा की प्रतिष्ठापना की जाएगी। कवि सम्मेलन, वाद विवाद प्रतियोगिताओं के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसी तरह श्रीकाशी मराठा गणेशोत्सव सेवा समिति की ओर से आस भैरो के अग्रवाल भवन में मुंबई के मशहूर लाल बाग के राजा विराजेंगे। इस गणेशोत्सव में महाराष्ट्र के 80 से अधिक कलाकार पारंपरिक कला का प्रदर्शन तो करेंगे ही, दरबार में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां होंगी। रामघाट स्थित सांगवेद संस्कृत महाविद्यालय में भी गणेश प्रतिमा की प्रतिष्ठापना होगी। यहां शास्त्रार्थ भी होगा। नूतन बालक गणेशोत्सव, मछोदरी के विद्यामंदिर के अलावा नाना फड़नवीस के बाड़े में भी दुर्गा प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना की जाएगी। इस बार भी पूजा समितियां प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर असमंजस में हैं। गंगा में मूर्ति विसर्जन पर हाईकोर्ट की रोक के बाद पिछली सरकार में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कुंडों में कराया गया था।