वाराणसी/ सेवापुरी। एलईडी स्ट्रीट लाइट घोटाले के आरोपी मंगलवार को डीएम योगश्वर राम मिश्र से मिलने पहुंचे लेकिन डीएम ने उनसे मुलाकात नहीं की। डीएम ने साफ कहा कि घोटालेबाजों से वार्ता नहीं होगी। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अगर पुलिस की जांच में बाधा पहुंचाई गई और आरोपियों की ओर से किसी को धमकी दी गई तो और कड़ी कार्रवाई होगी। उधर, घोटाले में शामिल अधिकारी आरोपियों और प्रधानों को आंदोलन के लिए उकसा रहे हैं।
सेवापुरी और चोलापुर ब्लाक के विभिन्न गांवों में स्ट्रीट लाइट लगवाने में हुए घोटाले के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी एसएस सिंह के निर्देश पर सेवापुरी के एडीओ पंचायत रतन कुमार ने जंसा थाने में बडौरा के ग्राम पंचायत अधिकारी विजय चंद्र विश्वकर्मा, बेसहुपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्रबली राम एवं मुनारी एवं पहाड़पुर के सचिव अशोक कुमार राजभर के खिलाफ धारा 419, 420, 409 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। है। आरोप है कि बड़ौरा के ग्राम प्रधान रामचंद्र पटेल व बेसहुपुर की प्रधान श्वेता मौर्या से मिलकर गांवों में लोकल लाइट ढाई गुने से ज्यादा दाम पर लगवाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है।
सूत्रों के मुताबिक सेवापुरी में 3500 से 4000 रुपये प्रति लाइट, आराजी लाइन में 4600, बड़ागांव, पिंडरा, काशी विद्यापीठ, हरहुआ, चोलापुर, चिरईगांव में तो 3500 से 6000 रुपये तक प्रति लाइट का भुगतान करवाया गया है। कई जगहों पर आपूर्तिकर्ता खंड विकास अधिकारियों के खासमखास हैं। कई बीडीओ तो प्रधानों के ऊपर दबाव बनाकर अपने आपूर्तिकर्ताओं से लोकल लाइट लगवा कर मनमाने ढंग से रेट का भुगतान भी करवाए हैं।
कई ब्लाकों में वित्तीय वर्ष 2016-17 और वित्तीय वर्ष 2017-18 में स्ट्रीट लाइट लगवाने में बड़ा घोटाला किया गया है। भाजपा के जिला महामंत्री प्रभात सिंह तथा भाजपा अनुसूचित प्रकोष्ठ के जिला संयोजक संजय पासवान ने बताया कि लाइट घोटाला जिले के आठों ब्लाकों में हुआ है।