पंचायत चुनाव के तहत इस बार 58 गांव की जनता नए ग्राम प्रधानों को चुनेगी। 2010 में हुए चुनाव के दौरान जिले में 702 ग्राम प्रधान थे। हालांकि इस बार नए परिसीमन के बाद गांवों की संख्या बढ़कर 760 हो गई, यानी 58 गांव और बढ़ गए। उधर, नए गांवों में प्रधानी चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
जो लोग बीडीसी या जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव हार गए हैं वे भी इस चुनाव में दोबारा अपने भाग्य को आजमाने की जुगत में अभी से लग गए हैं। वहीं इन गांवों के लोग खासा उत्साहित है।
पंचायत एवं निकाय चुनाव कार्यालय के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा के अनुसार 7 नवंबर को आयोग से अधिसूचना जारी होगी। इसके बाद आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा। इस समय ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में नाम बढ़ाने, घटाने और संशोधित करने की प्रक्रिया चल रही है।
इसकी अंतिम तिथि 7 नवंबर है। इस तारीख तक आने वाले सभी आवेदनों का परीक्षण करने के बाद नाम जोड़ा जाएगा। इसके बाद आयोग की ओर से कोई तारीख निर्धारित होगी तब पंचायत के मतदाताओं को मौका दिया जाएगा।