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ज्ञानवापी में सर्वे का 56वां दिन: सात दिन में देनी है रिपोर्ट, अब तक क्या-क्या हुआ, पढ़ें- पूरी टाइमलाइन

Fri, 29 Sep 2023 10:24 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

अंजमुन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के विरोध के कारण ज्ञानवापी में डेढ़ दिन तक सर्वे नहीं हुआ। दरअसल, जिला जज की अदालत ने कहा था कि 2 सितंबर तक सर्वे रिपोर्ट पेश की जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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ज्ञानवापी परिसर का सर्वे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी में एएसआई सर्वे का आज 56वां दिन है। शुक्रवार की सुबह एएसआई की टीम ने परिसर में प्रवेश किया। सर्वे रिपोर्ट छह अक्तूबर तक जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में पेश की जानी है। जिलाधिकारी को साक्ष्य मुहैया कराने है। अब सर्वे के लिए सात दिन बचे हैं।

ज्ञानवापी में सर्वे की शुरुआत से अब तक तमाम उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। सर्वे के 50वें दिन यानी बीते 23 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी के दौरे पर थे। उन्होंने पहली बार संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में मातृ शक्ति के बीच मां शृंगार गौरी का जिक्र किया था। साथ ही श्री काशी विश्वनाथ धाम का पुनरुद्धार कराने वाली अहिल्याबाई होल्कर को नमन किया था।

सर्वे शुरू हुआ, साढ़े पांच घंटे बाद रोका गया

जिला जज की अदालत के आदेश से 24 जुलाई 2023 को एएसआई ने सर्वे शुरू किया था। लगभग साढ़े पांच घंटे बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सर्वे रोक दिया गया। सुप्रीम कोर्ट और फिर हाईकोर्ट के आदेश से सर्वे दोबारा 4 अगस्त से शुरू हुआ।

4 अगस्त से 6 सितंबर तक को व्यवधान नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से ज्ञानवापी में एएसआई ने सर्वे 4 अगस्त शुरू किया। 15 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश था। इसके बाद जो सर्वे शुरू हुआ, वह 6 सितंबर तक चलता रहा। 4 से 9 अगस्त के बीच चार वादिनी महिलाओं ने हिंदू धर्म से जुड़े कई प्रतीक चिन्ह व अन्य सामग्रियां मिलने का दावा किया गया।

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ज्ञानवापी पहुंची सर्वे की टीम - फोटो : अमर उजाला

अदालत ने बयानबाजी पर लगाई रोक

हिंदू पक्ष की बढ़ती बयानबाजी पर जिला जज की अदालत ने नाराजगी जताई और 10 अगस्त 2023 को सख्त रुख अख्तियार किया। अदालत ने कहा कि मामले से जुड़े पक्षकार व उनके अधिवक्ता, सरकारी वकील, एएसआई या जिला पुलिस-प्रशासन के अफसर मामले में बयानबाजी नहीं करेंगे। सीलबंद रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत होगी। इस बीच सर्वे को लेकर कोई भ्रामक समाचार प्रकाशित हुआ तो मामले में कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।

विरोध के कारण डेढ़ दिन तक रुका रहा सर्वे

अंजमुन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के विरोध के कारण ज्ञानवापी में डेढ़ दिन तक सर्वे नहीं हुआ। दरअसल, जिला जज की अदालत ने कहा था कि 2 सितंबर तक सर्वे रिपोर्ट पेश की जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच एएसआई ने समय सीमा बढ़ाने की अर्जी लगाई। 8 सितंबर को सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही मसाजिद कमेटी ने विरोध जताया और सर्वे रोक दिया। बाद में अदालत ने सर्वे की समयसीमा बढ़ाकर 6 अक्तूबर कर दी।

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ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

सर्वे में मिली सामग्रियां जिलाधिकारी को दें

ज्ञानवापी-मां शृंगार गौरी केस की वादिनी राखी सिंह की अर्जी पर 14 सितंबर 2023 को जिला जज की अदालत ने आदेश दिया और कहा कि सर्वे के दौरान हिंदू धर्म और पूजा पद्धति से संबंधित जो भी सामग्रियां मिलें, उन्हें एएसआई की टीम जिलाधिकारी को सौंपे। इसकी सूची भी बनाई जाए और उसकी एक-एक प्रति अदालत व डीएम को दी जाए। अदालत जब तलब करेगी, तब जिलाधिकारी सामग्रियां पेश करेंगे।

ऐसे चला सर्वे

24 जुलाई - सर्वे शुरू, फिर रोका गया।

4 से 14 अगस्त तक - सर्वे हुआ।

15 अगस्त - अवकाश की वजह से सर्वे नहीं हुआ।

16 अगस्त से 6 सितंबर तक -सर्वे जारी रहा।

7 सितंबर - मसाजिद कमेटी ने सर्वे रोका।

8 सितंबर -अदालत ने समयसीमा बढ़ाई।

9 सितंबर से अब तक - सर्वे निर्बाध रूप से जारी।

28 सितंबर - सर्वे रोकने की अर्जी खारिज।

6 अक्तूबर - सर्वे रिपोर्ट अदालत में जमा होगी।
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