वाराणसी। सिकरौरा नरसंहार कांड की वादिनी हीरावती देवी के पेश न होने पर अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय राजीव कमल पांडेय की अदालत ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। अदालत ने एसपी चंदौली को आदेश दिया है कि वो साक्षी को खोज कर सुनवाई की अगली तिथि नौ मार्च को पेश करें। उधर, हीरावती की सुरक्षा के लिए तैनात गनर तीर्थराज यादव का भी कोई लोकेशन न मिलने पर निलंबित कर दिया गया है। हीरावती और गनर तीर्थराज के बारे में जानकारी के लिए पुलिस टीम लखनऊ भेजी गई है।
अदालत ने कहा है कि एसपी चंदौली का एसएसपी वाराणसी सहयोग करें। नौ मार्च को साक्षी के विधिक पैरोकार राकेश न्यायिक को भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश अदालत ने दिया है। सिकरौरा नरसंहार कांड मामले में मंगलवार को सुनवाई के दौरान अदालत को एसपी चंदौली की ओर से बताया गया कि हीरावती देवी घर पर नहीं हैं। संभवत: वह दवा लेने के लिए लखनऊ स्थित पीजीआई अपने बेटे दिनेश और गनर तीर्थराज यादव के साथ गई हैं। उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिली। उधर, मामले के आरोपी एमएलसी बृजेश सिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच सेंट्रल जेल से लाकर अदालत में पेश किया गया और सुनवाई के बाद वापस भेज दिया गया।