वाराणसी। बीएचयू कृषि विज्ञान संस्थान में रविवार को आयोजित जैविक कृषि सम्मेलन में वक्ताओं ने जैविक खेती पर विस्तृत चर्चा की। बतौर मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक प्रो.ए वैशंपायन ने किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। कहा कि स्वस्थ शरीर के साथ-साथ पौधों की सेहत का भी ख्याल रखना होगा।
राष्ट्रीय जैविक खेती केंद्र की ओर से शताब्दी कृषि भवन सभागार में आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि ने कहा कि किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रेरित, जागरूक करना मुख्य उद्देश्य है। जैविक खेती एक परंपरागत खेती है, अच्छी कृषि के लिए अच्छी बीज भी जरूरी है। विशिष्ट अतिथि केंद्र के निदेशक डॉ. एके शुक्ला ने कहा कि सरकार को किसानों की आय बढ़ाने हेतु जैविक खेती एक अच्छा विकल्प नजर आ रहा है। केंद्र की ओर से इस तरह के प्रयास समय-समय पर होते रहते हैं। प्रो. रमेशचंद्र ने जैविक खेती के साथ एकीकृत कृषि प्रणाली के बारे में बताया। अतिथियों का स्वागत प्रो. अरुण सिंह, संचालन प्रो. ओमप्रकाश मिश्र ने किया। इस दौरान डॉ. कल्याण घड़ई, सीताराम, रमेश, होसला सिंह, चंद्रशेखर टडिया सहित कई लोग मौजूद रहे।