वाराणसी। दीवानी कचहरी परिसर में निर्माणाधीन आठ मंजिला भवन का लोहे का पायट गिरने के कारण अधिवक्ता सहित आठ के घायल होने के मामले में कैँट थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उधर, सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए गुरुवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। इसके साथ ही कचहरी और कलेक्ट्रेट परिसर में जुलूस निकाल कर अधिवक्ताओं ने एसएसपी आफिस पर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने दोषियों पर कार्रवाई, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती अधिवक्ता के समुचित उपचार और 25 लाख की क्षतिपूर्ति की मांग की है। वहीं, हादसे के बाद निर्माणाधीन भवन के बगल के रास्ते को ब्लॉक कर हवा में लटक रहे पायट को एक किनारे कर दिया गया है।
कचहरी परिसर में निर्माणाधीन बहुमंजिले भवन का पायट बुधवार की दोपहर अचानक गिर कर हेरिटेज बिल्डिंग और नीम के पेड़ पर अटक गया था। पायट की लोहे की पाइप इधर-उधर गिरने से अधिवक्ता ज्ञानप्रकाश पांडेय और वादकारी अमित सहित आठ लोग घायल हो गए थे। ज्ञानप्रकाश की हालत गंभीर होने पर उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है जहां उनका उपचार जारी है। प्रकरण को लेकर न्यायालय प्रबंधक अश्वनी आनंद और सेंट्रल बार अध्यक्ष शिवपूजन सिंह गौतम की अलग-अलग तहरीर पर कैंट थाने में ठेकेदार और कार्यदायी संस्था के अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
गुरुवार को अधिवक्ताओं ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर कचहरी और कलेक्ट्रेट परिसर में जुलूस निकाला। इससे पहले अधिवक्ताओं के प्रस्ताव पर सेंट्रल बार अध्यक्ष की अध्यक्षता में बैठक की गई। अधिवक्ताओं ने कहा है कि यदि घायल अधिवक्ता के उपचार में किसी किस्म की कोताही बरती गई तो सभी बड़े पैमाने पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बैठक में बनारस बार अध्यक्ष राजेश मिश्र व महामंत्री विनोद शुक्ला, सेंट्रल बार के महामंत्री बृजेश मिश्र, अशोक सिंह प्रिंस, अमरनाथ शर्मा, संजय दाढ़ी, घनश्याम सिंह, अजीत ओझा, ओम प्रकाश पांडेय, रंजन मिश्र, प्रशांत तिवारी, विनोद पांडेय, पंकज प्रकाश पांडेय, सुरेंद्र श्रीवास्तव, सुनील मिश्र, रेनू कुरैशी, जयश्री सहित कई अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।