वाराणसी। पुत्र की दीर्घायु के लिए रहे जाने वाले जीवित्पुत्रिका व्रत का दिन मंगलवार दो परिवारों पर कहर बन कर टूटा। गंगा और पोखरे में अलग-अलग स्थान पर नहाने के दौरान कक्षा छह और चार के दो छात्र डूब गए। एक छात्र को खोजा नहीं जा सक,ा जबकि दूसरे का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।
बिहार के भागलपुर का मूल निवासी शिव कुमार नगवा में किराये के मकान में रह कर गैस एजेंसी में सप्लाई का काम करता है। शिव कुमार का बड़ा बेटा अमृत कक्षा छह का छात्र है। वह दोस्तों के साथ सुबह रविदास घाट पर नहाने गया और डूब गया। गोताखोरों के ढूंढने पर भी नहीं मिला। मां सोनी ने जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा था। हादसे के बाद से ही वह बेसुध हालत में है। घर में कोहराम की स्थिति है।
ऐसी ही हालत नेवादा में दुकान चलाने वाले बच्चे लाल के घर में है। चार बेटों में सबसे छोटा शिवम चौथी कक्षा में पढ़ता था। मंगलवार सुबह दोस्तों के साथ भिखारीपुर पोखरे में नहाने गया और नहीं लोटा। दोपहर को एक युवक नहा रहा था तो उसके पैर से बच्चा टकराया, बाहर निकाला तो उसकी शिनाख्त शिवम के रूप में हुई। शिवम की मां संजू शव देखते ही अचेत हो गई। परिजनों ने बताया कि जिस पोखरे में डूबने से शिवम की मौत हुई है, उसी में मां पूजा करती है।