वाराणसी। ज्योतिष केअनुसार अक्षय तृतीया के दिन सूर्य और चंद्रमा उच्च क्षमता के साथ अपनी चमक पूरी धरा व उस पर रहने वाली सभी प्राणियों पर बिखेरते हैं। बधवार को सुबह से ही गंगा के तटों पर दान-पुण्य और स्नान का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
श्री काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री पं. दीपक मालवीय ने बताया कि वैशाख शुक्ल अक्षय तृतीया का हिंदू संस्कृति में बड़ा महत्व है। इस बार अक्षय तृतीया पर 11 साल बाद 24 घंटे का सर्वार्थसिद्घि योग का महायोग बना रहा है। शुभ मुहूर्त 18 अप्रैल को सुबह 4:47 से शुरू होकर अगली सुबह 3:03 बजे तक रहेगा।
बीएचयू के ज्योतिष विभाग के प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी योग, विमल योग एवं सर्वार्थसिद्धियोग का विशिष्ट संयोग बन रहा है। बुधवार के दिन तृतीया का योग होने से महापुण्यप्रदा है। इस दिन अंधाधुंध खरीदारी से बचें। श्री काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री आचार्य ऋषि द्विवेदी के अनुसार इस महीने 19 अप्रैल से लग्न मुहूर्त शुरू हो जाएंगे और इस महीने विवाह के 10 मुहूर्त हैं।