वाराणसी। देव दीपावली से पहले ही उसकी अद्भुत छटा की सोशल मीडिया पर धूम मच गई है। शुभकामनाओं के सिलसिले के साथ किसी को देव दीपावली पर काशी आने की खुशी है तो किसी को न आ पाने का अफसोस। मुरीदों में बड़ी तादाद विदेशियों की भी है। फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर रोजाना देव दीपावली की हजारों तस्वीरें शेयर और पोस्ट की जा रही हैं।
देव दीपावली (कार्तिक पूर्णिमा, चार नवंबर) यानी काशी की धरा पर स्वर्ग उतरने का दिन। जब पूनम की रात खुशियों की अनगिनत दीपमालाओं से दमक उठेगी और गंगा घाटों पर सज जाएगा रोशनी का महामेला। इसकी भव्यता निहारने को देश-विदेश के हजारों पर्यटक और श्रद्धालु वाराणसी पधारेंगे। दुनिया भर में लोकप्रिय काशी की देवदीपावली के जश्न में सोशल मीडिया भी शामिल हो गया है। देवदीपावली के फोटो और संदेश खूब शेयर किए जा रहे हैं। ट्विटर पर इसे विदेशों तक में ट्वीट और रीट्वीट किया जा रहा है। देवदीपावली की महत्ता और उसकी भव्यता बताई जा रही है। कई लोगों ने ट्वीट किया कि जिस तरह से सीएम योगी ने अयोध्या में दिवाली का जश्न मनाया वैसे ही वो काशी में देवदीपावली मनाएंगे। कुछ लोग इस बेहद खास मौके पर अपनी पोशाक की चर्चा कर रहे हैं तो कुछ देवदीपावली के महाउत्सव की अपनी स्मृतियां साझा कर रहे हैं।
काशी कहिए या ‘सिटी ऑफ लाइट’
देव दीपावली की एक तस्वीर को रीट्वीट करते हुए तेमशुला इम्सांग ने लिखा है, देव दीपावली यानी काशी का ऐसा त्योहार जिसे कोई नहीं भूल सकता। ट्रिपहोलिक ने देवदीपावली और गंगा घाटों की कई तस्वीरें पोस्ट की हैं और लोगों से कहा है कि इस खास मौके पर वाराणसी जरूर आएं। केमल फेयर इंडिया ट्विटर यूजर ने लिखा है, काशी में देवदीपावली मनाना भगवान को महसूस करने जैसा है। यूपी पर्यटन मंत्रालय ने ट्विटर पर फोटो पोस्ट करते हुए लिखा है, काशी में कार्तिक पूर्णिमा की रात मंत्र, श्लोक, प्रार्थना और प्रकाश से जीवंत हो उठेगी। यज्ञांज्ञ पंडया ने लिखा, देवदीपावली पर परिवार के साथ यानी खुशियां डबल। जैनव ने लिखा, देवदीपावली यानी दीपदान करो, प्रार्थना करो और भगवान से आशीर्वाद मांगो। भारती शेट्टी ने लिखा, देवदीपावली यानी पर्यटकों, श्रद्धालुओं के लिए काशी में सपनों का दिन। वाराणसी इस दिन सिटी ऑफ लाइट बन जाएगा। शेष श्रीवास्तव ने लिखा, सीएम योगी के अयोध्या में भव्य दिवाली उत्सव के बाद प्रतीक्षा है काशी में उनके देव दीपावली की। साधना पाटिल ने लिखा, हमारे यहां दिवाली इतनी जल्दी खत्म नहीं होती। अभी तो देवदीपावली बाकी है। रेनु मिश्रा ने लिखा, अयोध्या में दिवाली यानी देश की आंखों से हरा चश्मा हटा, अब वाराणसी में देवदीपवाली की बारी है। शिवेंद्र राय ने लिखा, देवों की दिवाली मतलब देवदीपावली। आप आ रहे हैं ना।