सभी कोच में पारदर्शी प्लास्टिक के पर्दे, प्रत्येक कोच में बने आइसोलेशन वार्ड में पहला केबिन चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए जिसमें मरीजों के लिए अक्सीजन की सुविधा, दवा, उपकरण आदि उपलब्ध रहेगें।अन्य आठ केबिन रोगियों के लिए तैयार किए गए हैं।
आइसोलेशन वार्ड में भारतीय शैली के शौचालय को बाथरूम में परिवर्तित किया गया है। मच्छरों के से बचने के लिए मच्छरदानी, उचित वेंटिलेशन भी दिया गया है। प्रत्येक केबिन में सूखा कूड़ा, गीला कूड़ा एवं खतरनाक अपशिष्ट पदार्थ के निस्तारण के लिए फुट पैडल आपरेटेड ढक्कनदार तीन अलग-अलग डस्टबिन प्रदान किए गए हैं।
उक्त जानकारी देते हुए डीआरएम वीके पंजियार ने बताया कि सैनिटाइज के बाद इन्हें स्टेशन के प्लेटफार्म पर रखा गया। आवागमन के लिए अलग से प्रवेश व निकास की सुविधा प्रदान की गई है। आम रेल यात्रियों का इन प्लेटफार्म पर जाना प्रतिबंधित रहेगा।