वाराणसी। कचहरी परिसर के स्थानांतरण के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन तेज हो गया है। अधिवक्ता शुक्रवार को इस मामले को लेकर न्यायिक कार्य से विरत रह कर हड़ताल पर रहे और जुलूस निकाल कर डीएम पोर्टिको से दीवानी कचहरी परिसर होते हुए सर्किट हाउस तक गए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने दो टूक कहा कि वो किसी भी सूरत में कचहरी परिसर को कहीं अन्यत्र स्थानांतरित नहीं होने देंगे। इस संबंध में पांच अगस्त को शहर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनके सामने आपत्ति दर्ज कराई जाएगी और कचहरी परिसर का अन्यत्र स्थानांतरण किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
कचहरी परिसर के स्थानांतरण के विरोध में अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया है कि वो शनिवार को भी हड़ताल पर रहेंगे। इससे पहले सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में अधिवक्ताओं की बैठक हुई। अधिवक्ताओं ने कहा कि कचहरी परिसर के स्थानांतरण के मसले पर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर आपत्ति जताई जाएगी। मांग की जाएगी कि आसपास की जमीनों का अधिग्रहण कर कचहरी परिसर का विकास किया जाए। कचहरी परिसर यदि कहीं अन्यत्र स्थानांतरित हुआ तो अधिवक्ता इसके विरोध में हर लड़ाई लड़ेंगे। बैठक की अध्यक्षता सेंट्रल बार के अध्यक्ष प्रभुनाथ पांडेय और संचालन बनारस बार के महामंत्री रजनीश मिश्रा ने किया। इससे पहले अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में जुलूस निकाला और साथियों से मांग की कि कचहरी परिसर के स्थानांतरण के विरोध की लड़ाई में साथ दें। बैठक और प्रदर्शन में बनारस बार के अध्यक्ष नरेंद्र श्रीवास्तव, सेंट्रल बार के महामंत्री संजय सिंह दाढ़ी, हरिशंकर सिंह, मान बहादुर सिंह, अजय कृष्ण दुबे, घनश्याम मिश्रा, दशरथ प्रसाद, मनीष वर्मा, दशरथ प्रसाद, संतोष सिंह, नित्यानंद राय, सत्य नारायन द्विवेदी, सुनीता पांडेय, नागेंद्र सिंह सहित कई अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।