जंगीगंज। इलाके के बरईपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का बृस्पतिवार को समापन हो गया। वृंदावन से आए स्वामी श्रीकांत त्रिपाठी अंतिम दिन कथा में श्रीकृष्ण और सुदामा मित्रता का वर्णन किया। इसके बाद हवन-आरती के साथ कथा का विधिवत समापन हुआ।
उन्होंने कहा कि कृष्ण और सुदामा बचपन के मित्र थे, लेकिन भगवान के हिस्से का चार चने के दाने ज्यादा खाने के कारण सुदामा को गरीबी के दुख देखने पड़े। सुदामा गरीब थे, कृष्ण भक्त थे, लेकिन कभी कुछ नहीं मांगा है। ऐसे ब्राह्मण का सम्मान भगवान को भी करना पड़ता है। अंतत: उन्हें सुदामा नगरी सौंपी। इसके बाद भगवान दत्तात्रेय के 24 गुरु की कथा सुनाई। आचार्य शीघ्रता त्रिपाठी ने कहा कि मनुष्य जीवन में सबसे श्रेष्ठ जीवन मनुष्य का धर्म और कर्म अच्छे से समझने की शक्ति भागवत कथा से मिलती है। पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय ने आचार्यों से आशीर्वाद लिया। 15 जून को भंडारे का आयोजन किया गया है। मौके पर सतीश कुमार सिंह, आशीष सिंह, गुड्डू सिंह, गीता देवी, विमला सिंह, सुशील श्रीवास्तव, जयप्रकाश श्रीवास्तव, केशव प्रसाद, सोनू शुक्ला, अनूप कुमार, अंकित तिवारी आदि मौजूद रहे।