ज्ञानपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के साथ सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड में इंटरमीडिएट का परिणाम आ चुका है। अब छात्र-छात्राओं संग अभिभावक स्नातक की कक्षाओं में एडमीशन के लिए चिंतित होने लगे हैं। आठ हजार सीटों के सापेक्ष जिले में 18 हजार विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। सबसे अधिक दिक्कत कम अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं की होगी। वहीं, तकनीकी शिक्षा के लिए महानगरों की ओर रुख करेंगे।
यूपी बोर्ड का रिजल्ट अप्रैल तो आईसीएसई और सीबीएसई 12वीं का परीक्षा परिणाम गत दिनों आया। यूपी बोर्ड में करीब 26 हजार छात्र-छात्राओं में 17 हजार उत्तीर्ण हुए। इसी तरह आईसीएसई और सीबीएसई में एक से डेढ़ हजार होनहारों ने परीक्षा में बाजी मारी। तीनों बोर्ड में कुल मिलाकर 18 हजार विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। परीक्षा परिणाम में आने के बाद छात्र-छात्राओं में खुशी है, लेकिन अब स्नातक में प्रवेश के लिए उनके माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के सापेक्ष जिले के 17 महाविद्यालयों में स्नातक की कुल आठ हजार के आसपास सीटें हैं। ऐसे में विद्यार्थियों में एडमिशन को लेकर मारामारी होगी। कम अंक पाने वाले छात्र-छात्राओं की मुश्किलें सबसे अधिक बढ़ेगी।
हालांकि इनमें कुछ विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी जाएंगे। मेडिकल, इंजीनियरिंग, फार्मेसी में दाखिले के लिए उन्हें महानगरों की ओर रुख करना होगा। औराई के घाटमपुर निवासी विनय कुमार गुप्ता ने कहा कि वह इंटरमीडिएट के बाद इंजीनियरिंग करेगा। पढ़ाई के साथ ही प्रवेश परीक्षा दिया था, जिसमें उसका चयन हो चुका है। बालीपुर निवासी राजेश कुमार ज्ञानपुर के भुड़की निवासी इंद्रेश कुमार ने कहा कि वह बीएससी से उच्च शिक्षा की पढ़ाई करेगा। खमरिया के सर्वेश कुमार ने कहा कि इंटरमीडिएट का रिजल्ट आने के बाद वह इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा आ गया।