भदोही। वेतन पुनरीक्षण समेत विभिन्न मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों के हड़ताल के चलते दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी बैंकों में ताले लटकते रहे। कामकाज ठप होने से से दो दिनों में एक अरब से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। महीने के अंतिम दिन क्लीयरेंस के लिए करोड़ों रुपये के चेक फंसे रहे। एक तरफ जहां बैंक बंद थे, वहीं जिले के ज्यादातर एटीएम खाली थे। इसके चलते ग्राहकों को सख्त जरूरत के बाद भी कैश नहीं मिल सका। नगदी के लिए लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाते रहे। वहीं, कर्मचारियों ने बैंक शाखाओं के सामने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
यूनाइटेड फोरम आफ बैंकिंग यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंकों की लगातार दो दिन हड़ताल रही। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन की जनपद इकाई के दो सौ से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ये कर्मचारी भारतीय बैंक संघ (आईबीए) द्वारा वेतन में दो प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। यूनियन के पदाधिकारियों ने दूसरे दिन स्टेशन रोड स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में बैठक कर हड़ताल की सफलता की बात कही। जिलाध्यक्ष अनिल मिश्रा ने कहा कि सरकार से हमें भीख नहीं चाहिए। भारतीय बैंक संघ द्वारा दो प्रतिशत वेतन वृद्धि की बात बचकाना है। बैठक में आरआर मांगलिक, अजय प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार, सुधीर कुमार, लवकुश, सतीश पांडेय, रविकांत शुक्ल, राजेंद्र कुमार, कमलेश कुमार मौर्य, दिलीप श्रीवास्तव, रूपेश, राजेंद्र दास, राम उजागिर, फिरोज अहमद, सूरज कुमार आदि मौजूद रहे।
कर्मचारियों हड़ताल से लगातार दूसरे दिन भी जिले में स्थित विभिन्न बैंकों की 126 शाखाओं के ताले नहीं खुले। कामकाज ठप होने से दो दिन में जहां एक अरब रुपये से ज्यादा का कारोबार प्रभावित हुआ, वहीं आम ग्राहकों के साथ छोटे-बड़े कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन भी ग्राहक एटीएम के चक्कर लगाते रहे लेकिन कहीं भी कैश नहीं मिल पाया। एलडीएम अमिताभ सेन गुप्ता ने कहा कि बैंकों में दो दिनों के हड़ताल से एक अरब से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक खुलने के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।