वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार दो दिवसीय वाराणसी दौरे में काशी की भव्यता को बनाए रखने के प्रति गंभीर रहे। वाराणसी आगमन के साथ ही संत समाज के साथ बैठक कर काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पर हो रहे विरोध को शांत करने की कोशिश की तो दूसरे दिन समीक्षा बैठक में अधिकारियों को मंदिर और विग्रह से छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत दी।
इस बीच वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने काशी की धरोहरों और पौराणिकता को सहेजने का निर्देश दिया है। रविवार को समीक्षा बैठक के बाद सर्किट हाउस मेें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री ने काशी की भव्यता पर बात की और दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री का स्पष्ट मानना है कि काशी की भव्यता से ही उसकी पहचान पूरे विश्व में हैं। यहां की गंगा और घाट के अलावा ऐतिहासिक धर्मस्थल की वजह से ही बनारस की अलग पहचान है। विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना पर अधिकारियों का जनता के बीच समन्वय नहीं होने से उसका गलत संदेश जा रहा था।
ऐसे ही स्मार्ट सिटी और अन्य परियोजनाओं को लेकर भी जनता के बीच सकारात्मक माहौल बनाने का निर्देश दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काशी में चल रही परियोजनाओं को लेकर बनारस के बदलने का संदेश दिया जा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वाराणसी का विकास यहां की धरोहरों को सहेज कर संभव है और उसके बिना नहीं। मुख्यमंत्री से मिले निर्देश के बाद अब अधिकारी नए सिरे से कार्ययोजना तैयार करने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि शहर के धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक इमारतें सहित अन्य विरासतों को लेकर नए प्रयास किए जाएंगे। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप काम किया जाएगा।