वाराणसी। नालों की सफाई में नगर निगम की सुस्ती फिर एकबार शहर के लिए भारी पड़ सकती है। मानसून सत्र शुरू होने में बमुश्किल 25 दिन रह गए हैं, बावजूद इसके नालों की सफाई का काम रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। अब तक 70 में 35 नालों का टेंडर ही नहीं हो पाया है। जिन 35 नालों का टेंडर हुआ है, वहां भी सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। यही हाल रहा तो मानसून की दस्तक के बाद शहर में जलभराव की मुसीबतों से पार पाना मुश्किल हो जाएगा।
शहर में जलभराव की गंभीर समस्या के बावजूद नगर निगम की ओर से नालों की सफाई में ढिलाई बरती जा रही है। शहरी क्षेत्र में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 70 नाले हैं। जिनकी लंबाई 42 हजार 130 मीटर है। कूड़े-कचरे और सिल्ट से पटे इन नालों की सफाई के लिए 65 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके लिए टेंडर भी कराया गया लेकिन 35 नालों के लिए ही टेंडर आए। बाकी 35 नालों के लिए टेंडर प्रक्रिया ही अब तक पूरी नहीं हो पाई है। 15 जून से मानसून सत्र की शुरुआत हो जाएगी। ऐसे में बचे 25 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर नालों की सफाई करा पाना आसान नहीं। बावजूद इसके निगम के जिम्मेदारों का दावा है कि 15 जून से पहले सभी नालों की सफाई पूरी करा दी जाएगी।
लोकेश जैन, प्रभारी मुख्य अभियंता, नगर निगम ने बताया कि जो नाले बचे हैं, उनकी सफाई का टेंडर भी जल्द से जल्द कराया जाएगा। 15 जून से पहले सभी नालों की सफाई करा दी जाएगी।