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डेढ़ महीने पहले भी हुआ था उपद्रव और आगजनी0

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वाराणसी। कैंट थाना अंतर्गत सोयेपुर गांव की राजभर बस्ती में मारपीट, बलवा और मड़ई फूंकना आम बात हो गई है। बस्ती और उससे सटी 14 बीघा जमीन 2007 से कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करा पा रहे हैं। बीते नौ फरवरी को जमीन से कब्जा हटाने गई पुलिस-प्रशासनिक टीम का विरोध करते हुए विरोध करते हुए ग्रामीणों ने पथराव कर मड़ई में आग लगा दी थी। कई घंटे बाद पुलिस ने काबू पाया था।
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फरवरी, 2010 में जहरीली शराब से 28 मौतों की वजह से चर्चा में आया था। आरोप था कि राजभर बस्ती की जमीन पर कब्जा करने के लिए जहरीली शराब पिलाई गई थी। पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल, महेश जायसवाल सहित आधा दर्जन लोग इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे। बस्ती के लोगों के अनुसार 200 परिवार और 800 लोग यहां रहते हैं। मंगलवार को बस्ती में उपद्रव के बाद ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि बस्ती में कब मारपीट शुरू हो जाएगी और कब मड़ई फूंक दी जाएगी, इसका कोई पता नहीं रहता है। वहीं, राजभर बस्ती के लोगों का कहना है कि वो पिछले 60 से ज्यादा वर्षों से गांव में बसे हुए हैं तो अब उन्हें उजाड़ने की कोशिश क्यों की जा रही है। बाहरी लोगों को इसमें सफल नहीं होने दिया जाएगा। वे पीढ़ियों से यहीं रह रहे हैं और यहीं रहेंगे।
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