उत्तर प्रदेश कारुगेटेड बॉक्स मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन की बैठक कैंटोनमेंट स्थित एक होटल में आयोजित हुई। बैठक में ‘पैकेजिंग उद्योग में प्रयुक्त होने वाले कच्चा माल तथा क्राफ्ट पेपर, स्टिचिंग वायर, स्टार्च पाउडर इत्यादि के मूल्य में हो रही वृद्धि से इस उद्योग पर आए संकट का निदान कैसे हो’ विषय पर चर्चा हुई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सूक्ष्म उद्योग की श्रेणी में आने वाले इस पैकेजिंग उद्योग को पेपर मिल जैसे बड़े उद्योगों ने अपने शिकंजे में ले रखा है। पेपर मिलें संयुक्त रूप से काकस बनाकर बिना किसी कारण, बिना पूर्व सूचना के मनमाने ढंग से क्राफ्ट पेपर के मूल्य बढ़ा देती है। जबकि पैकेजिंग उद्योग अपने ग्राहकों को संविदा के तहत पुरानी दरों पर ही बाक्स की आपूर्ति करता है। पेपर मिलों के विरुद्ध पैकेजिंग एसोसिएशन के मुख्यालय की ओर से कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया(सीसीआई) को भी शिकायत भेजी गई है परंतु इस विषय पर सीसीआई भी मौन है। वक्ताओं ने कहा कि वहीं ई-वे बिल और जीएसटी लागू होने के बाद एकाउंटेंट तथा सीए के खर्चे का भी बोझ बढ़ गया है। इन सब कारणों से पैकेजिंग उद्योग की हालत दिन प्रति दिन बदतर होती जा रही है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि इस संकट से निपटने के लिए होली के बाद उद्यमी एसोसिएशन के राज्य मुख्यालय पर एकत्रित होकर आगे आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे कार्तिक जायसवाल ने कहा कि इन्वेस्टर्स समिट ने उद्यमियों को उम्मीद दी है। संचालन एसोसिएशन के सचिव सादिक ने किया। बैठक में जीआर नागर, प्रदीप जायसवाल, संजय लखमानी, राजेश जायसवाल, लोकेश अग्रवाल, विजय गांधी, उमाशंकर श्रीवास्तव, राजेश त्रिपाठी, अभिषेक चौरसिया आदि मौजूद रहे।