वाराणसी। लखनऊ से गिरफ्तार किए गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शेख अब्दुल नईम का पूर्वांचल कनेक्शन खंगालने में खुफिया एजेंसियां जुटी हुई हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार महीने भर पूर्व शेख अब्दुल नईम आजमगढ़-जौनपुर और वाराणसी गया था। आजमगढ़ निवासी फरार तीन आतंकियों से भी नईम के रिश्ते बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इन्हीं पुराने रिश्तों की वजह से ही स्लीपिंग माड्यूल्स को पूर्वांचल में नए सिरे से खड़ा करने के लिए नईम प्रयासरत था। खुफिया एजेंसियां नईम से पूछताछ कर इन स्लीपिंग माड्यूल्स के बारे में अहम जानकारियां जुटाने में लगी हुई हैं।
वर्ष 2014 में मुंबई पुलिस की हिरासत से फरार हुआ नईम हैदराबाद बम धमाके का अहम आरोपी था। फरारी के दौरान उसने देश के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया और भीड़भाड़ वाले महत्वपूर्ण स्थानों की फोटो और वीडियो बनाकर पाकिस्तान बैठे अपने आकाओं को भेजा। इसी क्रम में वह बनारस भी आया और अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट व कैंट रेलवे स्टेशन सहित कुछेक अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर गया था। इस दौरान नईम का सर्वाधिक फोकस उन स्थानों पर रहा जहां विदेशी खासतौर से अमेरिका व इजरायल के पर्यटकोें की आवाजाही ज्यादा होती है।
खुफिया इकाइयोें के अनुसार महीने भर पहले बनारस में नईम गंगा किनारे के होटलों और धर्मशालाओं में हिंदू नाम और पते के आधार पर 15 से 20 दिन तक ठहरा हुआ था। इसी दौरान वह सड़क मार्ग से गोरखपुर होते हुए नेपाल सीमा तक गया और वहां की भी तस्वीरें व वीडियो भी तैयार किया। इस दौरान नईम आजमगढ़ भी जाकर रहा। इसके साथ ही आजमगढ़ और बनारस में मृत हो चुके स्लीपिंग माड्यूल्स को नए सिरे से तैयार किया। इस संबंध में एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि आतंकी नईम के संबंध में कोई भी आधिकारिक जानकारी सुरक्षा और खुफिया इकाइयों की ओर से नहीं दी गई है। हमारी ओर से पूरी सतर्कता बरती जाती है और खुफिया एजेंसियों के इनपुट को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाकचौबंद किया जाता है।