वाराणसी। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में विसंगतियों के विरोध में बुधवार को उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन वाराणसी के अधिवक्ता कार्य से विरत रहेंगे। जीएसटी लागू करने में सरकार का न तो सिस्टम था और न ही कोई तैयारी थी। लागू करने के बाद अब नए नियम समय अंतराल के बाद लागू किया जा रहा है। इसका विरोध किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को पराड़कर भवन में एसोसिशन के पूर्व अध्यक्ष वीएन राय ने दी।
उन्होंने कहा कि पंद्रह सूत्री मांग पत्र को पूरा करने के लिए अधिवक्ता कार्य नहीं करेंगे और न ही अपना चेंबर का ताला खोलेंगे। जीएसटीएन पोर्टल ने आटोमेटिक तरीके से पहले के दाखिल किए गए रिटर्न पर अधिक मात्रा में विलंब शुल्क दर्शाना शुरू कर दिया है। इसके विरोध में सुबह 10 बजे से तीन बजे तक कार्यालय के बाहर विरोध जताएंगे। इसके बाद रवींद्रपुरी स्थित पीएम के संसदीय कार्यालय पर ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
वहीं दूसरी ओर अधिवक्ताओं ने 15 सूत्री मांग को पूरा कराने के लिए चेतगंज वाणिज्य कर कार्यालय से लहुराबीर तक जीएसटी के विरोध में रैली निकाली। अधिवक्ताओं ने कहा कि मार्च 2018 तक विलंब शुल्क की व्यवस्था स्थगित करने, फार्म-3 बी को समाप्त करने, जीएसटीआर प्रारूप को सरल बनाने की मांग की गई। वहां जीएसटी कौंसिल का पुतला फूंका। इस मौके पर राजेश कुमार श्रीवास्तव, काली शंकर, अतुल पांडेय, रोशन गुजराती, अरविंद, अनिल सिंह, अभिषेक, पंकज, संजय पांडेय मौजूद रहे।