इससे एक तरफ सत्तावर्ग के लिए परेशानियां खड़ी होंगी वहीं दूसरी तरफ प्राकृतिक आपदा एवं अन्य कारणों से जन-धन की हानि की आशंका रहेगी। बड़ी दैवीय प्राकृतिक घटना के संकेत मिल रहे हैं और भूकंप की आशंका बन रही है। पूरा उत्तर भारत कोहरे के आगोश में समा जाएगा। हाड़ कंपाने वाली सर्दी पड़ेगी और रिकार्ड तोड़ बर्फबारी होगी।
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र का कहना है कि 296 साल बाद षडग्रही योग बन रहे हैं। इसके पहले एक राशि में छह ग्रहों का योग 7 जनवरी 1723 में बना था षडग्रही योग वातावरण को भय युक्त बना रहे हैं। भय के कारण जनता में प्रशासन के प्रति आक्रोश उत्पन्न होगा। सूर्यग्रहण थोड़ा लंबा है अत: इसका प्रभाव भी लंबा होगा। मकर संक्रांति के बाद इसका प्रभाव कम होगा। ग्रहण में शुभ दिन गुरुवार तथा अमावस्या की युति काफी हद तक स्थिति को संभालेगी। यह युति सुभिक्ष तथा प्रजा के लिए सुखकारक होती है।
काशी में
ग्रहण का स्पर्श 8:21
मध्य काल 9:40
मोक्ष 11:14 मिनट
राशि पर प्रभाव
मेष- अपमान की आशंका
वृषभ- अधिक कष्ट की आशंका
मिथुन-जीवनसाथी को कष्ट की आशंका
कर्क-शुभ फलप्रद
सिंह-चिंतातुर
कन्या-कष्टप्रद
तुला-धन के लाभ की आशा
वृश्चिक-धन हानि की आशंका
धनु-शारीरिक कष्ट एवं अशुभ फल
मकर-हानि
कुंभ-लाभप्रद
मीन-सुख की आशा