फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

296 साल बाद बन रहा षडग्रही योग, जानें राशियों पर क्या रहेगा सूर्य ग्रहण का प्रभाव

Thu, 26 Dec 2019 10:30 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
solar eclipse - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

वर्ष का अंतिम सूर्य ग्रहण गुरुवार सुबह 8:20 बजे से लगना शुरू हो गया। इस ग्रहण का प्रभाव 3 घण्टे से ज्यादा देखने को मिलेगा। ग्रहण का मोक्ष काल सुबह 11:14 पर होगा। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार ग्रहण के बाद मंदिर खुलने पर 11 बजकर 30 मिनट से 12 बजकर 30 मिनट तक मध्याह्न भोग आरती होगी।

विज्ञापन


ज्योतिषाचार्य पं. दीपक मालवीय के अनुसार पौष माह में पड़ने वाला सूर्यग्रहण बदलाव का महाविकट अवसर साथ लेकर आ रहा है। धनु राशि में छह ग्रहों का योग वातावरण को भययुक्त बना रहा है। इस पर सूर्यग्रहण इस दुर्योग को अधिक उग्र करेगा। पौष माह में पड़ने वाला सूर्य ग्रहण ब्राह्मण, विद्वानों एवं शासक वर्ग के लिए शुभ नहीं माना गया है।

सूर्यग्रहण और षडग्रही योग के कारण प्राकृतिक घटनाएं, शासकों में परस्पर मतांतर, विरोधाभास के साथ ही एक दूसरे के प्रति अविश्वास भी बढ़ेगा। सूर्य ग्रहण के समय धनु राशि में सूर्य, चंद्रमा, गुरु, बुध, शनि एवं केतु की युति बन रही है।

विज्ञापन

इससे एक तरफ सत्तावर्ग के लिए परेशानियां खड़ी होंगी वहीं दूसरी तरफ प्राकृतिक आपदा एवं अन्य कारणों से जन-धन की हानि की आशंका रहेगी। बड़ी दैवीय प्राकृतिक घटना के संकेत मिल रहे हैं और भूकंप की आशंका बन रही है। पूरा उत्तर भारत कोहरे के आगोश में समा जाएगा। हाड़ कंपाने वाली सर्दी पड़ेगी और रिकार्ड तोड़ बर्फबारी होगी।

ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र का कहना है कि 296 साल बाद षडग्रही योग बन रहे हैं। इसके पहले एक राशि में छह ग्रहों का योग 7 जनवरी 1723 में बना था षडग्रही योग वातावरण को भय युक्त बना रहे हैं। भय के कारण जनता में प्रशासन के प्रति आक्रोश उत्पन्न होगा। सूर्यग्रहण थोड़ा लंबा है अत: इसका प्रभाव भी लंबा होगा। मकर संक्रांति के बाद इसका प्रभाव कम होगा। ग्रहण में शुभ दिन गुरुवार तथा अमावस्या की युति काफी हद तक स्थिति को संभालेगी। यह युति सुभिक्ष तथा प्रजा के लिए सुखकारक होती है।
विज्ञापन

काशी में
ग्रहण का स्पर्श 8:21
मध्य काल 9:40
मोक्ष 11:14 मिनट

राशि पर प्रभाव
मेष- अपमान की आशंका
वृषभ- अधिक कष्ट की आशंका
मिथुन-जीवनसाथी को कष्ट की आशंका
कर्क-शुभ फलप्रद
सिंह-चिंतातुर
कन्या-कष्टप्रद
तुला-धन के लाभ की आशा
वृश्चिक-धन हानि की आशंका
धनु-शारीरिक कष्ट एवं अशुभ फल
मकर-हानि
कुंभ-लाभप्रद
मीन-सुख की आशा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें