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पंचों का तुगलकी फरमान, महिला से छेड़छाड़ पर आरोपियों को 10 जूते मारकर छोड़ा

Thu, 26 Dec 2019 10:30 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सांकेतिक तस्वीर
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खंदौली क्षेत्र के एक गांव में विवाहिता के साथ घर में घुसकर हुई छेड़छाड़ की घटना पर पुलिस ने तहरीर मिलने पर भी कार्रवाई नहीं की। मामला पंचायत में पहुंचा तो पंचों ने आरोपी को दस जूते मारे जाने की सजा सुनाई। 20 हजार का हर्जाना भी लगाया। उसके परिजनों ने रकम दे भी दी और आरोपी को गांव से बाहर भेज दिया।
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मामला 18 दिसंबर की शाम का है। तीस वर्षीय महिला का आरोप है कि वह घर पर अकेली थी। पति मजदूरी करने आगरा गए थे। तभी पड़ोसी युवक घर में आ गया। उसे अकेली देख छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर मारपीट करते हुए मौके से भाग गया।

पति के आने पर महिला उसे लेकर आरोपी के घर गए। वहां आरोपी और उसके परिजनों ने उसे और पति को पीटा गया। अगले दिन खंदौली थाना में तहरीर दी। पुलिस गांव में आई लेकिन कार्रवाई केबगैर लौट गई। महिला का आरोप है कि इसका फायदा उठाकर आरोपी पक्ष ने पंचायत बुला ली। इसमें 80 लोग मौजूद रहे। आरोपी युवक को सजा का फरमान सुनाया गया। पंचों ने कहा कि पांच जूते पति और पांच जूते पीड़िता मारेगी।
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ग्राम प्रधान का कहना है कि महिला के साथ छेड़छाड़ हुई थी। पुलिस कार्रवाई करने की बजाय लोगों ने गांव में पंचायत बुलाकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया है। प्रधान का कहना है कि उन्हें भी पंचायत में बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने जाने से इनकार कर दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि थाना पर तहरीर नहीं आई।

पीड़िता बोली, मेरी आवाज को दबाया जा रहा है
पीड़ित महिला का कहना है कि उसकी आवाज को दबाया जा रहा है। पंचों ने पुलिस कार्रवाई से आरोपी को बचाने के लिए उसके परिवार से उसे 20 हजार रुपये दिलवा दिए। जब उसे जूते मारने का नंबर आया तो उसे गांव से भगा दिया गया। भले ही उसके परिवार के लोग इस पंचायती फरमान को मानने के लिए राजी हो गए हों लेकिन वह इस फैसले को नहीं मानती है।
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